उत्तरकाशी
यू तो समूचा उत्तराखंड पूरे विश्व मे अपनी एक अलग पहचान रखता है और यहां के त्योहार और त्योहारों में बनने वाले पकवान खाशी पहचान रखते है उन्ही में से पापड़ी (हकवी गढ़वाली नाम) त्योहार जो कि चेत्र मास के अंतिम में हिन्दू धर्म के अनुसार नववर्ष का आगमन होता है जिज़मे चावलों से बनी पापड़ी को आग के चूल्हे में भाप के द्वारा पकाया जाता है और पकने के पश्चात इनको धूप में सुखाकर उपयोग में लाया जाता है
यू तो समूचा उत्तराखंड पूरे विश्व मे अपनी एक अलग पहचान रखता है और यहां के त्योहार और त्योहारों में बनने वाले पकवान खाशी पहचान रखते है उन्ही में से पापड़ी (हकवी गढ़वाली नाम) त्योहार जो कि चेत्र मास के अंतिम में हिन्दू धर्म के अनुसार नववर्ष का आगमन होता है जिज़मे चावलों से बनी पापड़ी को आग के चूल्हे में भाप के द्वारा पकाया जाता है और पकने के पश्चात इनको धूप में सुखाकर उपयोग में लाया जाता है
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