मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने दयारा बुग्याल में की जल सरक्षण,जल संचय और जल सम्वर्धन कार्य की शुरुआत
उत्तरकाशी
मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन उत्पल कुमार सिंह ने जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन कार्य का शुभारंभ उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती क्षेत्र रैथल गांव के तोक गोई से किया।
उन्होंने गोई तोक में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जल पूजा करते हुए सदाबहार वृक्ष देवदार की पौध लगाए।
मुख्य सचिव आला अधिकारियों के साथ प्रातः लगभग 8बजे रैथल से करीब 8 किमी पैदल चलकर गोई व दयारा बुग्याल पहुंचे। पैदल चलने के दौरान मुख्य सचिव व जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान, डीएफओ संदीप कुमार द्वारा जंगली जानवरों के भोजन हेतु फल-सब्जियों के बीज बम को जंगल में फेंके। ताकि जंगली जानवरों को जंगलों में ही उनका आहार मिल सके।
पैदल चलते हुए मुख्य सचिव ने प्रभागीय वनाधिकारी को द्यारा पैदल मार्ग जहां-जहां क्षतिग्रस्त है को ठीक कराने के साथ ही पर्यटकों की जानकारी हेतु प्रत्येक किमी.पर लकड़ी के साइनेज व कूड़ेदान लगाने के निर्देश दिए। जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि ट्रेक रूट की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है जिसकी स्वीकृति आ चुकी है शीघ्र ही मरम्मत कार्य व साईनेज,कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कार्यक्रम के शुभारंभ के उपरान्त मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों व स्थानीय जनता को जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन की शपथ दिलायी। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के इस सुदूरवर्ती क्षेत्र में जिला प्रशासन, विकास विभाग, व वन विभाग आपसी तालमेल के साथ जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन कार्य कर रहें हैं, यह पूरे प्रदेश के लिए मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी गांवों में जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन हेतु शनिवार को बैठकें की जा रहीं है। हम पूरे उत्तराखण्ड में जल संरक्षण हेतु जन चेतना का कार्य कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने घर से ही जल संचय कार्य प्रारम्भ करना होगा। आज देश ही नहीं विदेश भी जल संकट से जुझ रहें हैं इसका समाधान व जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन ही है।
उत्तरकाशी
मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन उत्पल कुमार सिंह ने जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन कार्य का शुभारंभ उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती क्षेत्र रैथल गांव के तोक गोई से किया।
उन्होंने गोई तोक में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जल पूजा करते हुए सदाबहार वृक्ष देवदार की पौध लगाए।
मुख्य सचिव आला अधिकारियों के साथ प्रातः लगभग 8बजे रैथल से करीब 8 किमी पैदल चलकर गोई व दयारा बुग्याल पहुंचे। पैदल चलने के दौरान मुख्य सचिव व जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान, डीएफओ संदीप कुमार द्वारा जंगली जानवरों के भोजन हेतु फल-सब्जियों के बीज बम को जंगल में फेंके। ताकि जंगली जानवरों को जंगलों में ही उनका आहार मिल सके।
पैदल चलते हुए मुख्य सचिव ने प्रभागीय वनाधिकारी को द्यारा पैदल मार्ग जहां-जहां क्षतिग्रस्त है को ठीक कराने के साथ ही पर्यटकों की जानकारी हेतु प्रत्येक किमी.पर लकड़ी के साइनेज व कूड़ेदान लगाने के निर्देश दिए। जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि ट्रेक रूट की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है जिसकी स्वीकृति आ चुकी है शीघ्र ही मरम्मत कार्य व साईनेज,कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कार्यक्रम के शुभारंभ के उपरान्त मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों व स्थानीय जनता को जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन की शपथ दिलायी। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के इस सुदूरवर्ती क्षेत्र में जिला प्रशासन, विकास विभाग, व वन विभाग आपसी तालमेल के साथ जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन कार्य कर रहें हैं, यह पूरे प्रदेश के लिए मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी गांवों में जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन हेतु शनिवार को बैठकें की जा रहीं है। हम पूरे उत्तराखण्ड में जल संरक्षण हेतु जन चेतना का कार्य कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने घर से ही जल संचय कार्य प्रारम्भ करना होगा। आज देश ही नहीं विदेश भी जल संकट से जुझ रहें हैं इसका समाधान व जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन ही है।
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