पुरोला, उत्तरकाशी
वीरेंद्र चौहान की रिपोर्ट
पुरोल प्रखंड के ढ़काड़ा गॉव में बुधवार को रवांई, जौनसारी,बाबरी महोत्सव में झूलका नृत्य की प्रस्तुति ने क्षेत्रीय संस्कृति के लोक मिलन कार्यक्रम में विलुप्त होती बोली,भाषा व पौराणिक रितीरिवाज,बार त्योहार नातेदारी,रिस्तेदारी की याद तरोताजा कर दी बुधवार को क्षेत्र के ईष्ट श्रीगुल देवता महाराज के मंदिर प्रांगण में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ पूजा अर्चना,अछांणी,मात्रियों की बंदना के साथ हुआ आयोजन का उदेश्य सरकारी गैर सरकारी नौकरियों को लेकर वर्षो से गांव से बाहर देश के विभिन्न शहरों व विदेशों में नोकरी करने गए युवाओं में विलुप्त होती संस्कृति,बिसराई जा रही संयुक्त परिवार परंपरा उनके बच्चों में भाषा,बोली व नातेदारों,रिस्तेदारों की पहचान को लेकर पनप रहे रूखेपन को दूर करने समेत भाषा व रवांई,बाबरी,जौनसारी संस्कृति के संरक्षण को मंच के माध्यम से प्रयास करना है कार्यक्रम के आयोजक ढकाडा गांव निवासी दिल्ली में ईएफको क़पनी में अधिकारी मायाराम शर्मा ने बताया कि अपनी संस्कृति सरक्षंण-पलायन रोकने के लीऐ एक अनूठी पहल की है पहल के तहत गॉव से बाहर नोकरी व रोजगार करने गए युवाओ का अपने गॉव व संस्कृति के प्रति लगाव पैदा करना है। शर्मा ने बताया कि मुहिम के तहत गॉव के युवाओं ने संस्कृति व कर्मचारी लोक मिलन आयोजन के तहत सिकुड़ते बांज,बुरांस,देवदार के जंगलों व बिगडते पर्यावरण को लेकर चिंता जताई गयी तथा गॉव के आस पास खाली जमीन पर बांज व देवदार के पांच सौ पौधों का रोपण किया गया व महिला पुरुषो ने पारंपरिक परिधानों में झुलया नृत्य किया गया। गांव के प्रधान गोपाल कैंतुरा ने बहार से आये अतिथियों का आभार व्यक्त कर वह समारोह मुख्य उदेश्य विलुप्त होती परम्परा से अपनी आने वाली पीढ़ी को रुबरु कराना व गाव से बाहर रह रहे बचों का एक दूसरे को जानना व अपनी संस्कृति व वेश भूषा व बुर्जुगों,देवी देवताओं के बारे म़े जानना बताया।इस अवसर पर समिति ने गॉव के सबसे बुजुर्ग महिला व पुरुषो को सम्मानित किया साथ ही गॉव के प्रतिभावान बचों को भी सम्मानित किया गया कार्यक्रम में महेंद्र चौहान, गोविंद सिंह चौहान
विजय सिंह, महेश शर्मा, शिशपाल कैंतुरा, मदन शाह,
नागचंद शर्मा,दौलतराम शर्मा,मंगतराम,रमेश सेमवाल
वीरेंद्र चौहान की रिपोर्ट
पुरोल प्रखंड के ढ़काड़ा गॉव में बुधवार को रवांई, जौनसारी,बाबरी महोत्सव में झूलका नृत्य की प्रस्तुति ने क्षेत्रीय संस्कृति के लोक मिलन कार्यक्रम में विलुप्त होती बोली,भाषा व पौराणिक रितीरिवाज,बार त्योहार नातेदारी,रिस्तेदारी की याद तरोताजा कर दी बुधवार को क्षेत्र के ईष्ट श्रीगुल देवता महाराज के मंदिर प्रांगण में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ पूजा अर्चना,अछांणी,मात्रियों की बंदना के साथ हुआ आयोजन का उदेश्य सरकारी गैर सरकारी नौकरियों को लेकर वर्षो से गांव से बाहर देश के विभिन्न शहरों व विदेशों में नोकरी करने गए युवाओं में विलुप्त होती संस्कृति,बिसराई जा रही संयुक्त परिवार परंपरा उनके बच्चों में भाषा,बोली व नातेदारों,रिस्तेदारों की पहचान को लेकर पनप रहे रूखेपन को दूर करने समेत भाषा व रवांई,बाबरी,जौनसारी संस्कृति के संरक्षण को मंच के माध्यम से प्रयास करना है कार्यक्रम के आयोजक ढकाडा गांव निवासी दिल्ली में ईएफको क़पनी में अधिकारी मायाराम शर्मा ने बताया कि अपनी संस्कृति सरक्षंण-पलायन रोकने के लीऐ एक अनूठी पहल की है पहल के तहत गॉव से बाहर नोकरी व रोजगार करने गए युवाओ का अपने गॉव व संस्कृति के प्रति लगाव पैदा करना है। शर्मा ने बताया कि मुहिम के तहत गॉव के युवाओं ने संस्कृति व कर्मचारी लोक मिलन आयोजन के तहत सिकुड़ते बांज,बुरांस,देवदार के जंगलों व बिगडते पर्यावरण को लेकर चिंता जताई गयी तथा गॉव के आस पास खाली जमीन पर बांज व देवदार के पांच सौ पौधों का रोपण किया गया व महिला पुरुषो ने पारंपरिक परिधानों में झुलया नृत्य किया गया। गांव के प्रधान गोपाल कैंतुरा ने बहार से आये अतिथियों का आभार व्यक्त कर वह समारोह मुख्य उदेश्य विलुप्त होती परम्परा से अपनी आने वाली पीढ़ी को रुबरु कराना व गाव से बाहर रह रहे बचों का एक दूसरे को जानना व अपनी संस्कृति व वेश भूषा व बुर्जुगों,देवी देवताओं के बारे म़े जानना बताया।इस अवसर पर समिति ने गॉव के सबसे बुजुर्ग महिला व पुरुषो को सम्मानित किया साथ ही गॉव के प्रतिभावान बचों को भी सम्मानित किया गया कार्यक्रम में महेंद्र चौहान, गोविंद सिंह चौहान
विजय सिंह, महेश शर्मा, शिशपाल कैंतुरा, मदन शाह,
नागचंद शर्मा,दौलतराम शर्मा,मंगतराम,रमेश सेमवाल
आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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