डेड वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद भी मोटर मार्ग से महरूम है पोखरी गांव के लोग
पोखरी गांव तक सड़क पहुचाना पहली प्राथमिकता : प्रधान प्रेमलता
उत्तरकाशी
जिला मुख्यालय के नजदीक पोखरी गांव के लोग आज भी वर्षो से पैदल चलने को मजबूर है डेड वर्ष के लम्बे संघर्ष के बावजूद भी पोखरी गांव के लोगो की बात हुक्मरानों तक नही पहुंची।
उलेखनीय हो पोखरी गांव के लोगो की गांव को जाने के लिए लंबे समय से मोटर मार्ग की मांग चल रही हैं जिसके लिए ग्रामीणों ने लगभग डेढ़ वर्ष तक कलक्ट्रेट में धरना दिया था धरने को उठाने के लिए नेताओं ने चुनाव समाप्त होने के बाद गांव तक सड़क पहुंचाने के वादे तो किये थे किंतु उन वादों पर आजतक कोई अमल नही हुआ । पोखरी गांव की निर्विरोध ग्राम प्रधान प्रेमलता नेगी ने बताया कि गांव वालों की लम्बे समय से मोटर मार्ग बनवाने की मांग थी क्यो की गांव में पैदल चढ़ाई चढ़कर जाना पड़ता है कई बार प्रसूति महिला को लाते समय,बीमार आदमी को अस्पताल लाते समय काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जिसको देखते हुए पोखरी गांव को मोटर मार्ग की दरकार है कहने को तो ये गांव जिला मुख्यालय के नजदीक है किंतु मुख्यालय के नजदीक होने का कोई फायदा आजतक नही मिल पाया है प्रधान प्रेमलता का कहना है कि उनको गांव के लोगो ने निर्विरोध प्रधान बनाया है गांव तक सड़क पहुचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी जिसके लिए चाहे दुबारा आंदोलन शुरू करना पड़े इसके लिए वे तैयार है उन्होंने बताया ग्रामीणों ने अपना आदोंलन स्थगित किया है समाप्त नही।
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