"गांवों से पलायन को कैसे रोके" विषय पर विचार गोष्ठी, नवर्निवाचित जनप्रतिनिधियों को किया सम्मानित,गरीबो को किया कम्बलो का वितरण
टिहरी
। रोजगार की तलाश में ग्रामीण युवाओं का पलायन शहरों की ओर होना स्वभाविक है क्यो की गांवों से शिक्षा और रोजगा के अवसर कम हो रहे हैं और ये हमारे लिए एक बहुत बड़े खतरे का संकेत है । गांवों से कृर्षि का सिकुडता जाना यह तथ्य हमें चिंता कि ओर डाल रहा है कि गांव से युवाओं का निरिन्तर शहर की ओर जाना तथा वहीं अपना आशियाना बना लेना जिससे हम सोच सकते हैं कि आने वाले 20 साल बाद हमारे पहाड़ के गांव बिल्कुल खाली हों जाएंगे तथा उत्तराखंड की अधिकांश जनसंख्या या तो पास के कस्बों या शहरों का जनसंख्या घनत्व बढाएंगी इसके लिए सुशील बहुगुणा ने अपने पिता की पुण्य स्मृति में पिपलेश्वर मन्दिर नागनी मे एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसमे कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरणविद् विजय जरधारी ने कहा कि सरकारों ने शहरों की सीमाओं का विस्तार करके आसपास के ढेर सारे गांवों को समाप्त कर दिया है । ये गांव अब नगरपालिका या नगर निगम की सीमाओं के अन्दर आने से हमारे गावों का अस्तित्व खतरे में हो गया है । कार्यक्रम में समाज सेवी अरण्य रंजन ने कहा कि हमे अपने बच्चों को अपनी संस्कृति से रूबरू कराने में शर्म नहीं होनी चाहिए तथा बच्चो का ऐसी शिक्षा या संस्कार देने चाहिए कि वे शिक्षा के माध्यम से आगे न बढ़ पाय तो वह असाहय महसूस न कर सके या उनके रोजगार के साधन बंद न हो । इस अवसर पर श्री बहुगुणा के द्वारा नवर्निवाचित प्रधानो से आग्रह किया गया है कि गाँव बचाने की जिम्मेदारी आपकी है तथा इसके लिए हम सामाजिक कार्यकर्ता आपको पूर्ण सहयोग करेंगे ताकि आप सभी लोव अगले 05 साल में गाँव से पलायन नही होने देगें । सम्मानित होने वाले प्रधान जडधार गांव के प्रीति जड़धारी प्लास से राजमति भाट्सैण से धूर्त सिंह बसाल से माया देवी कड़ियाल गांव से चिन्ता देवी क्षेत्रपंचायत सदस्य चौपढ़ीयाली साबत्री आदि थे । इस अवसर ममता नोटियाल ने भण्डारगांव से शकुन्तला पुण्डीर दियुरी बबली देवी जडधार गांव सोहनदेई कटाल्डी से शैला देवी ने कहा कि हम जंगली जानवर व लोगों के द्वारा गाय सड़क पर छोडे जाने के कारण बहुत परेशान हैं तथा अगर सरकार इन पर कोई कार्यवाही नही करती है तो हमे मजबूरन आन्दोलन करने के लिए विवश होना पडेगा । कार्यक्रम का संचालन प्रदीप कोठारी ने किया इस अवसर पर 06 बुजुर्गो को छडी 20 गरीब लोगों को कम्बल 05 गरीब लोगों को स्वेटर वितरित किया गए।
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