प्रसिद्ध भास्करेश्वर महादेव मन्दिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, मन्दिर की अखण्ड ज्योति से ज्योति ले जाने की अनूठी परम्परा है यहां पर, शिवरात्रि को यहां पर निसन्तान दम्पतियों को खड़े दिए रखकर ब्रत करने से होती है सन्तति प्राप्ति
उत्तरकाशी
प्रसिद्ध भास्करेश्वर महादेव के कपाट आज सुबह ब्रम्ह मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गए हैं।
ज्ञात हो तहसील मुख्यालय भटवाड़ी में स्थित भास्करेश्वर महादेव मन्दिर के कपाट ग्राम प्रधान रीता रतूड़ी, मालगुजार भगवती नौटियाल की मौजूदगी में खोल दिये गए हैं मन्दिर के पुजारी प0 प्रभात शास्त्री ने बताया कि उत्तरकाशी जिले में भटवाड़ी में एक ऐसा मन्दिर है इसके कपाट मकर संक्रांति के दिन लगभग 1 माह के लिए बन्द कर दिए जाते है और महा शिवरात्रि को खुलने की परंपरा है सदियों से है। उन्होंने बताया कि भास्कर प्रयाग गंगा,नवला और शंखधारा नदियों के सगम तट पर बसा हुआ है यहां पर सूर्य भगवान ने जल कुण्ड में ब्राह्मण के बेस में भगवान शिव की तपस्या की थी जिस कारण भटवाड़ी को कालांतर में "भास्कर प्रयाग" के नाम से जाना जाता रहा है और धीरे धीरे अपभ्रंस होकर भटवाड़ी हो गया भटवाड़ी के भास्करेश्वर महादेव का मन्दिर इस क्षेत्र के दर्जनों गांवों का आस्था का केन्द्र है आज सुबह से गंगा स्नान कर दर्शनों के लिए यहां पर शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। प0 प्रभात शास्त्री ने बताया कि महा शिवरात्रि के दिन मन्दिर में जो निसन्तान दम्पति खड़े दिए रखकर ओम नमो शिवाय का जाप करते है उनको सन्तति की प्राप्ति होती है मन्दिर के पुजारी ने बताया कि आज रात्रि को मन्दिर में पूरी रात अखण्ड कीर्तन का आयोजन होगा और सुबह के समय भटवाड़ी गांव के सभी घरों में मन्दिर से जली हुई ज्योति लेजाने की परंपरा है कहते है भास्करेश्वर मन्दिर से जली हुए ज्योति को ले जाने से घर मे सुख समृद्धि बनी रहती है।
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