मठ गांव से चार किमी पैदल जुलूस लेकर पुरोला सिंचाई कार्यालय पंहुंची महिलाएं,टमाटर व धान की पौध लगनें से पहले क्षतिग्रस्त नहरों को चालू करनें की मांग।
पुरोला
प्रखंड पुरोला की क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों की की मरम्मत की मांग को लेकर रामासिरांई के मठ गांव की आक्रोशित महिलाओं ने गुरूवार को जुलूस लेकर
सिंचाई डिवजन कार्यालय पंहुचकर ईई का घेराव कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
महिलाओं ने अधिशासी अभियंता हिमांशु कुमार को ज्ञापन सौंप कर जल्दी क्षतिग्रस्त नहरों पर मरम्मत कार्य शुरू न करनें पर डिवजन कार्यलय पर धरना देने की चेतावनी दी, ईई हिमांशु कुमार ने शुक्रवार 6 मार्च को महिलाओं को मठ गांव व क्षेत्र की क्षतिग्रस्त नहरों का मुआयना कर मरम्मत कार्य शुरू करनें का भरोसा दिया।
प्रखंड के पट्टी रामा सिरांई क्षेत्र की वर्षों से क्षतिग्रस्त, बदहाल सिंचाई नहरों की मरम्मत की मांग को लेकर आक्रोशित मठ गांव की दर्जनों महिलाओं ने गुरूवार को गांव से चार किमी पैदल चल जुलूस लेकर सिंचाई विभाग के डिवजन कार्यालय में अधिशासी अभियंता
हिमांशु कुमार का घेराव कर टमाटर पौध व धान की नर्सरी डालने से से पहले क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कर चालू करनें की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि रामा व कमल सिरांई
का मठ,महरगांव,कंडियाल गांव,गुंदियाट गांव व रामा
पोरा,पुरोला,कुमोला,खलाडी,चंदेली करडा आदि 45 गांव की 3 न्याय पंचायत में टमाटर,मटर,आलू व धान आदि नगदी फसलों व बेमौसमी सब्जियों का मुख्य उत्पादक क्षेत्र है किंतु क्षतिग्रस्त नहरों के कारण क्षेत्र के किसानों को हर साल फसलों की सिंचाई को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जबकि कई बार विभागीय अधिकारियों को नहरों की मरम्मत को लेकर कहा जाता है किंतु हर वर्ष समय पर मरम्मत न होने के कारण टमाटर,मटर,धान सूखे के कारण बर्बाद हो जाती है ।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि टमाटर पौध लगने से पूर्व 2 सप्ताह में क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत नहीं की गई तो डिवीजन कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
घेराव करनें वालों में यशोदा देवी,जयमाला देवी
सलिता,शकुंतला देवी,किरन देवी,विजयलक्ष्मी, कृष्णा देवी,संगीता,एलमा देवी,गीतादेवी,आंनदी देवी,कविता
निता देवी,विनिता देवी,जगतंमादेवी,बसंती देवी,सुंदरी
देवी,संतोषी देवी,सरोज,प्रमिला आदि कई शामिल है।
अधिशासी अभियंता सिंचाई हिमांशु कुमार ने बताया कि प्रखंड में 43 नहरें हैं जो हर वर्ष बरसात में मलवा से क्षतिग्रस्त हो जाती है,क्षतिग्रस्त नहरों के मरम्मत को मांग के अनुरूप उपलब्ध बजट अनुसार
नहरों पर मरम्मत कार्य कराया जाता है,गुरूवार को मठ क्षेत्र में मौके का मुआयना कर टमाटर की पौध रोपाई से पहले क्षतिग्रस्त नहरों पर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जायेगा।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें