आज रात्रि को सभी भारतवासी अपनी अखण्डता और एकजुटता का परिचय दे : लोकेंद्र विष्ट
उत्तरकाशी
आओ फिर से दिया जलाएँ
भरी दुपहरी में अँधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें-
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।।
हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आँखों से ओझल
वर्त्तमान के मोहजाल में-
आने वाला कल न भुलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।।
आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज़्र बनाने-
नव दधीचि हड्डियाँ गलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।।----------
अटल जी।।
संयोजक गंगा विचार मंच,नमामि गंगे लोकेंद्र विष्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविता को दोहराते हुए प्रदेश और जनपद उत्तरकाशी के सभी लोगो से अनुरोध किया कि
कोरोना महामारी के साथ युद्ध के चलते पूरे मनोयोग से आज रविवार को रात्रि 9 बजे से 9 मिनट तक अपने घरों की बत्ती बुझाकर घर के दरवाजे अथवा बालकनी ,बरामदा, तिबारी, चौबारे, पंचपुरा से दिया अथवा मोमबत्ती,टोर्च लाइट अथवा मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर भारत की कोरोना महामारी को विश्व से मिटाने की प्रतिबद्धता के समर्थन में सहयोग की अपेक्षा है।।
इसलिए आप सभी से निवेदन है कि लोक डाउन में सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखते हुए देश की एकजुटता का परिचय दें। पूरा विश्व भारत की और टकटकी लगाए हुए है।
यदि संभव हो तो सरसों तेल युक्त दिये का ही प्रयोग करें ताकि वातावरण की शुद्धता बरकरार रहा सके।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें