अगर तन,मन की शांति प्राप्त करनी हो तो चले आएये "गिडारा बुग्याल" की सैर को ,बुग्याल में आज भी दिब्य परिया (मात्रि देवी) करती है अटखेलियां
उत्तरकाशी
(गंगोत्री मेल न्यूज ब्यूरो) अगर आप जीवन की दौड़ भाग से थक गए हो और तन, मन को शांति प्राप्त करना चाहते हो तो चले आये गिडारा बुग्याल ट्रेकिंग के लिए यहां की अलौकिक सुंदरता मनोहारी दृश्य 18 वर्ग किमी में फैला बुग्याल,बर्फीली चोटियों के मनोरम दृश्य और बुग्याल में क्यारी नुमा कई प्रकार के पादप पुष्प,जड़ीबूटी की मदहोश करने वाली खुशबु में आप खो जाएंगे और जीवन का सुकून महसूस करेंगे।
आपको बतादे तहसील मुख्यालय भटवाड़ी से मात्र 10 किमी दूरी पर भंगेली गांव, गिडार बुग्याल का बेस केम्प है भंगेली गांव से 2 किमी ऊपर चढ़कर छोटे छोटे झरने जगलो के रास्ते, घाटियों का आकर्षण गिडारा बुग्याल जाने को माना प्रेरित करते हो केवल 10 किमी पैदल ट्रेकिंग कर गिडारा बुग्याल पहुचते है। जहा की सुंदरता को शब्दों में बखान करना मुश्किल है। "अगर दुनिया में कही स्वर्ग है तो यही है यही है यही है" किसी शायर की लिखी हुई ये लाइन गिडारा बुग्याल के लिए सटीक बैठती है।
गिडारा बुग्याल में पहुचकर हर कोई सुकून प्राप्त करता है बुग्याल में ब्रम्हकमल, लेसर, जयाण, भूतकेश के अलावा यहां पर और भी कई औषधीय जड़ीबूटी विद्यमान है जिन पर आजतक कोई शोध नही हुआ है, का भण्डार है इसके अलावा इस बुग्याल से बन्दर पूछ, द्रोपदी का डांडा अन्य कई हिमालयी बर्फीली चोंटीयो का मनोहारी दृश्य मन को आराम पहुचाता है। गिडारा बुग्याल वर्ष के 4 माह बर्फ से ढका रहता है इस दौरान यहां पर स्नो स्किंइंग का भी लुत्फ उठाया जा सकता है।
इसके अलावा गिडारा बुग्याल को स्थानीय लोग भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का केन्द्र भी मानते हैं आज भी ग्रामीणों की मान्यता है कि दिब्य परिया जिन्हें स्थानीय भाषा मे मात्रि देवी कहते है बुग्याल में स्वछंद विचरण कर अटखेलियां करती है और उनके होने की प्रमाणिकता यहां के कई लोकगीतों और कहानियों में मिलता है। यहां पर अलौकिक सुंदरता और धार्मिकता दोनों का समावेश है इसके बावजूद भी यह बुग्याल पर्यटक शैलानियों की नजरों से दूर है विश्व मानचित्र पर अपना स्थान नही बना पाया है। देशी विदेशी पर्यटक शैलानी यहां के अलौकिक नजारों से बंचित है ग्राम प्रधान प्रवीन प्रज्ञान और संदीप राणा ने बताया कि यहां पर आनेवाले पर्यटकों के लिए ग्रामीणों के द्वारा स्थानीय ट्रैकर गाइड के रूप में तथा गांव में होम स्टे के जरिये रहने की उचित ब्यवस्था उपलब्ध है।
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