बोर्ड परीक्षा में दूसरे जनपदों से ड्यूटी देने आये अध्यापक अध्यापिकाएं बन सकते है नौनिहालों के लिए खतरे का सबब

उत्तरकाशी


उत्तरकाशी जिले में लोकडाउन होने के बाद सभी स्कूल, कालेज बंद हो गए थे और अधिकतर अध्यापक अध्यापिकाएं अपने अपने घरों(दूसरे जनपद) में चले गए थे और अब बोर्ड परीक्षा में परीक्षा में ड्यूटी देने को अपने अपने विद्यालयों में लौट रहे है ये अध्यापक अध्यापिका बन सकते है छात्र छात्राओं के लिए खतरे का सबब 


आपको बता दे 22 जून से दसवी और 12वी की बोर्ड के  बचे हुए कुछ पेपर कराए जा रहे हैं जिसमे अधिकतर अध्यापक, अध्यापिकाएं लोकडाउन शुरू होने से पहले ही अपने अपने जनपदों को चले गए थे जो परीक्षा तिथि के 2,3 दिन पहले समन्धित स्थानों पर पहुच रहे हैं  जबकि इनको 14 से 21 दिन पहले पहुचकर क्वारन्टीन होना चाहिए था जबकि ऐसा नही हो रहा है। आम आदमी यदि कोई है तो उसको क्वारन्टीन होना है किंतु शिक्षा विभाग के अध्यापकों को बिना क्वारन्टीन किये परीक्षा में ड्यूटी दिलाई जा रही है ये कैसा दोहरा मापदंड है? क्या शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को इसकी खबर नही है या जानबूझकर अनजान  बना है  यदि ऐसा है तो प्रशासन नौनिहालों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। जब ये अध्यापक अध्यापिकाएं बच्चो को परीक्षा दिलाएंगे तो परीक्षा हॉल में बच्चे की कॉपी पर सिंगनेचर भी करेंगे और बच्चे के पास कोई नकल सामग्री न हो इसकी चेकिंग भी करेंगे कोरोना के मरीज उत्तराखंड के सभी जिलों में हर दिन बढ़ रहे हैं इससे इनकार नही किया जा सकता है कि दूसरे जनपदों से आये ये अध्यापक अध्यापिकाएं कोरोना संक्रमित न हो शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन आखिर इतनी बड़ी लापरवाही क्यो बरत रहा है ये समझ से परे है। अगर जल्दी कोई संज्ञान नही लिया जाता है तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नही किया जा सकता है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्मैक के साथ इंद्रा कालोनी उत्तरकाशी का 1 युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा

सुक्की टॉप के पास यूटिलिटी वाहन दुर्घटनाग्रस्त एक की मौत तीन घायल

सड़क हादसा : गंगनानी के समीप :बस दुर्घटनाग्रस्त 27 लोग सवार