मनुष्य को सत्य के आभूषण का धारण करने के बाद किसी धातु के आभूषण को पहनने की जरूरत नही होती : प0 प्रभात शास्त्री

उत्तरकाशी



भास्करेश्वर महादेव मन्दिर भटवाड़ी में श्रावण महात्म्य कथा के दौरान प्रसिद्ध कथा वक्ता प0 प्रभात शास्त्री ने भगवान शंकर के शरीर वर्णन में कहा कि महादेव के शरीर मे कोई आभूषण नही रहता है भोले नाथ नग्न शरीर मे भस्म लगाए हुए बाघम्बर खाल पहने गले मे सर्प की माला धारण करते है केवल अपने आराध्य का ध्यान करते हुए जगत को सत्य धारण करने की सीख देते है इसी प्रकार उन्होंने कहा कि मनुष्य अगर अपने कंठ मे सत्य को धारण करे तो किसी बाहरी आभूषण की आवश्यकता नही होती है कान में सत्य वचनों की अमृत गंगा सुनने को मिले तो किसी आभूषण की जरूरत नही होती है। यदि मनुष्य अपने जीवन मे सत्य को धारण कर सदकर्म करे तो वो भगवान भोलेनाथ का प्रिय हो जाता है भगवान भक्त वत्सल है जो भक्त श्रद्धा से भगवान का पूजन ध्यान आदि करता है भगवान उसके वस में हो जाते है। उन्होंने बताया कि हमारे शरीर को पुष्ट रखने के लिए सीमित मात्रा में भोजन करना चाहिए यदि अधिक मात्रा में कर लो तो शरीर मे उत्पात होना शुरू हो जाएगा और भजन जितना भी अधिक कर सको उससे कोई नुकसान नही होने वाला है शरीर मे और अधिक ऊर्जा आ जायेगी भगवान के भजन के प्रति इंसान को रसिक होना चाहिए तभी भगवत प्रप्ति होगी भगवत प्रेम में नारद मुनि को रसिकता थी तो वे भगवान के सबसे प्रिय हैऔर सभी देवताओं के पूजनीय है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्मैक के साथ इंद्रा कालोनी उत्तरकाशी का 1 युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा

सुक्की टॉप के पास यूटिलिटी वाहन दुर्घटनाग्रस्त एक की मौत तीन घायल

सड़क हादसा : गंगनानी के समीप :बस दुर्घटनाग्रस्त 27 लोग सवार