पार्वती कुण्ड में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है , क्यारकुटी डांडा में स्थित है पार्वती कुण्ड , बागोरी के भोटिया जनजाति के लोग हर वर्ष करते है यहां की यात्रा
उत्तरकाशी
यदि आप जीवन की भागदौड़ से थक गए हो और तन मन को सकुन पहुचाकर मोक्ष की प्राप्ति करना चाहते हो तो चले आइए कयाकुटी डांडा ट्रेक पर जहा पर पार्वती कुंड में स्न्नान करे और स्न्नान करने से सकुन की प्राप्ति करे।
आपको बताते चले विकासखण्ड भटवाड़ी के हर्षिल घाटी से 18 किमी पैदल उबड़ खाबड़ खड़ी पगडंडियों को पार करने के बाद पहुचते है क्यारकुटी डांडा जहा की सुंदरता को शब्दों में बयान करना बहुत मुश्किल होगा क्यारकुटी डांडा ने कई प्रकार की पादप पुष्प ब्रम्हकमल,हिमालयी सूरजमुखी आदि कई प्रजाति विद्यमान है जिनकी मनोहारी सुंदरता अपनी और आकर्षित करती है क्यारकुटी डांडा में मखमली बुग्याल और उस पर लोटपोट होकर मस्ती करना आत्मिक सुख प्रदान करता है
पार्वती कुंड फोटो
क्यारकुटी के चारो और बर्फ से ढकी हुई चोटिया एक अलौकिक आध्यात्मिकता की और खींचकर ले जाती है जिससे यात्रा करने वाला यात्री अपनी थकान भूलकर खूबसूरत सुन्दर वादियों में खो जाता है।
कयाकुटी डांडा जाने के लिए हर्षिल से लब्जा टॉप ,लाल देवता होते हुए बांगरी,मोड़ासौड़ से छोटी गंगनानी पहुचते है। दूसरे दिन की यात्रा छोटी गंगनानी से शुरू फुलाधार होते हुए जलन्द्री गाड़ को रस्सी के सहारे पर करना पड़ता है यहां पर बागोरी गांव के लोगो ने झूला पुल की मांग की है।
जलन्द्री गाड़ को पार करके राजा बिटू, इबी न्यूमेला होते हुए क्यारकुटी पहुचते है जहां पर मा पार्वती के प्राचीन मन्दिर के दर्शन करने को मिलते है और पास में ही पार्वती कुंड में स्न्नान करने से सभी मनोबांच्छित फ्लो की प्राप्ति के साथ साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है।
बागोरी गांव के पूर्व प्रधान भगवान सिंह ने बताया कि उनके गांव के ग्रामीण हर वर्ष इस यात्रा को करते है जो कि उनके पूर्वजो से चली आ रही परम्पताओ में एक है इसबार भी इस यात्रा में गांव के 70 लोगो ने भाग लिया जिनमे 40 महिलाएं और 30 पुरुष सामिल हुए और उन्होंने बताया कि गांव के लोग इस यात्रा को पर्यटन से जोड़ने की मांग कर रहे हैं ताकि इस क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को फायदा हो सके और विकासखण्ड भटवाड़ी से प्लायन रुक सके।
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