विकास के दावों की पोल खोलती शहर की हकीकत , गड्डो में तबदील है उत्तरकाशी शहर की सड़कें
उत्तरकाशी
भले ही वर्तमान सरकार के नुमाइंदे और नगरपालिका में बैठे हुक्मरान व जिला प्रशासन में बैठे अधिकारी उत्तरकाशी के विकास के दावों की कसीदे पड़ रहे हो किन्तु हकीकत इसके उल्टा ही नजर आती है उत्तरकाशी शहर में मुख्य चौक और चौराहों पर पड़े गड्ढे शहर में कितना विकास हो रहा है इसकी हकीकत बयान करने के लिए काफी है।
आपको बता दें आजादी के बाद 1960 में जिला बने उत्तरकाशी शहर ने इन दशकों में कई उतार चढ़ाव व शहर में कई बदलाव आते देखे है किन्तु नही बदलते हुए देखा है तो यहां की सड़कों की स्थिति को आज आलम यह है कि शहर के मुख्य चौक चौराहों से लेकर बाजार में कई जगहों पर सड़क में गड्ढे पड़े हैं और शहर का आम आदमी, जिले के बड़े नेता,जिला न्यायाधीश, डीएम सहित सभी हिचकोले खा रहे हैं मजेदार बात तो यह है कि किसी ने भी यहां की सड़कों के सुधारने की बात नही की है।
सबसे पहले बात करे कलक्ट्रेट के सबसे नजदीक भैरवचौक की तो इस चौक के आसपास इतने गड्ढे पड़े हैं कि कईबार यहां पर दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। शहर का मुख्य चौक विश्वनाथ चौक यहां से डीएम,जिला जज,नगरपालिका अध्यक्ष,और वर्तमान विधायक का रोजाना आना जाना होता है फिर भी इस चौक की जर्जर स्थिति है वही जोशियाड़ा की और विकास भवन जाने वाली सड़क की स्थिति भी जयदा बेहतर नही है शहर के विकास के मायने समझने के लिए इतना काफी होगा कि उत्तरकाशी शहर में कितना विकास हो रहा है और अधिकारी व नेता यहां के विकास को लेकर कितने संजीदा है शहर की सड़कों की तस्बीरों से स्पष्ट समझा जा सकता है अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कोई उत्तरकाशी शहर की जर्जर सड़कों को सुधारने के लिए काम करेगा ये तो आनेवाला समय ही बताएगा फिलहाल शहर की सड़कें जर्जर है।
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