"जन गण मंत्रणा भारत के परिपेक्ष्य में" विषय पर वेविनार का आयोजन
स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविधालय चंपावत के द्वारा भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों की सफलता , चुनौतियां एवं संभावनाएं’ चर्चा का विषय रहा। कार्यक्रम का शीर्षक जन गण मंत्रणा भारत के परिपेक्ष में रहा। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न महाविद्यालयों से शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।

इसी परिपेक्ष में शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा एक तकनीकी वेबिनार का आयोजन हुआ। जिसमे भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों की सफलता , चुनौतियां एवं संभावनाएं’ विषय चर्चा का विषय रहा। कार्यक्रम का शीर्षक जन गण मंत्रना भारत के परिपेक्ष में रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्नाकोत्तर महाविद्यालय डोईवाला के प्राचार्य डा0 डी सी नैनवाल ने की उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होते हुए भी लोकतांत्रिक मूल्यों को निभाने में सक्षम रहा है। डा0 जे. एस नेगी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर ने व्याख्यान में लोकतांत्रिक मूल्यों की आलोचनात्मक प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए कहा कि धैर्य रखने से लोकतंत्र सफल होता है कोई भी नीति बनाते ब लागू करते हुए प्रकिर्याओ में विलम्ब होता है ब सरकार प्रत्येक कानून बनाते हुए जनता से सुझाव मांगती है तब हमे सहयोग करना चाहिए या जागरूक रहना चाहिए। डॉक्टर दया प्रसाद गैरोला राज. महा.बड़कोट ने अपने व्याख्यान में लोकतांत्रिक मूल्य वा साहित्य पर विचार प्रकट करते हुए कहा कि तुलसीदास ब निराला ने अपने साहित्य में राम राज्य की संकल्पना की है जिसे महात्मा गांधी ने भी प्रस्तुत किया। राजकीय महाविद्यालय नैनबाग से डा0 मधुबाला ने लोकतांत्रिक मूल्य एवं राजनीति पर अपने विचार प्रकट किए। डा0 सुमन प्रकाश ने लोकतांत्रिक मूल्य एवं भारत का भविष्य पर अपना शोध पत्र पढ़ा। चेयर पर्सन डॉक्टर राखी पंचोला ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की वाहक युवा पीढ़ी है जिन्हे जन गण की संकल्पना को आगे ले जाना है। कार्यक्रम की रिपोर्ट का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 अंजली वर्मा ने किया। वेविनार में राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र छात्राएं जुड़े रहे। कार्यक्रम में डा0 कुड़ियाल,डा0 कंचन लता सिन्हा,डा0 अनिल भट्ट ,डा0 राजपाल रावत ,डा0 आशा रोंगली भी वेविनार में जुड़े रहे।
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