उत्तरकाशी : निजी मोबाइल नेटवर्क कंपनियों की मनमानी से परेशान है उपभोक्ता,इन पर नकेल कसने वाला कोई नही
उत्तरकाशी जिले में निजी मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों की दादागिरी इस कदर हो गई है कि मोबाइल नेटवर्क कभी भी गायब हो जाय और कभी भी आ जाय। उपभोक्ताओ का नेटवर्क चले न चले रिचार्ज की समाप्त होने की डेट फिक्स होती है। रिचार्ज करवाने के बाद भले ही मोबाइल में नेटवर्क रहे या न रहे। इस तरह मोबाइन नेटवर्क कमनियों के द्वारा आम उपभोक्ताओं की जेबो पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है किन्तु इनकी मनमानी पर नकेल कसने वाला जिले में कोई नही है। मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों की मनमानी से जिले के आम उपभोक्ता त्रस्त है।
आपको जानकारी हो उत्तरकाशी जिले में भारत संचार निगम लिमटेड के अलावा जिओ,एयरटेल,आइडिया तीन प्रायवेट कम्पनियां काम कर रही है तीनो कम्पनियों के नेटवर्क में आय दिन दिक्कत रहती है जबकि ये सभी नेटवर्क कम्पनियां आम उपभोक्ताओं से रिचार्ज या अन्य सुविधाओं के नाम से पहले ही पैसा ले लेती है भले ही नेटवर्क कई दिनों तक खराब चलता रहे इससे उन्हें कोई फर्क नही पड़ता जिले में नेट इतना स्लो चलता है कि मोबाइल या मेल से कोई वीडियो या डाटा भेजना हो तो काफी समय लग जाता है तीनो मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों के लगे टावर अपनी क्षमता से अधिक उपभोक्ताओं का लोड उठा रहे हैं।। मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों के द्वारा उपभोक्ताओं से सुविधाओं के नाम पर खूब पैसा लुटा जा रहा है। निजी मोबाइल कंपनियों ने तो आम उपभोक्ता को लूटने का मन बना रखा है और उपभोक्ताओं ने लुटने का। किन्तु जिले में कोई सरकारी महकमा तो होगा जो इनकी गतिविधियों पर नजर रखता होगा ? क्या उस सरकारी विभाग के अधिकारियों,कर्मचारियों के द्वारा मोबाइल में नेटवर्क का इस्तेमाल नही किया जाता होगा यदि मोबाइल नेटवर्क इस्तेमाल किया जाता है तो क्यो इनकी मनमानी पर मौन होकर मूक दर्शक बने हुए है। ये बात समझ से परे है।
अब सवाल यह है कि जिले में आखिर इन बेलगाम निजी मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों पर नकेल कसेगा तो कौन कसेगा या फिर इनकी मनमानी आगे भी ऐसे ही चलती रहेगी।
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