गाय का घमंड मनुष्य को भगवान का बना देता है : गोपाल मणि
उत्तरकाशी : श्रीमद भागवत कथा में संत गोपाल मणि ने कहा है कि श्रीमद भागवत महापुराण की कथा उसी घर में होती है जिसके घर भगवान की कृपा होती है।

तिलोथ सेरा में भरतराम कंसवाल के द्वारा अपनी स्व0 पत्नी एकादशी देवी के निमित ज्ञान यज्ञ किया जा रहा है। कथा वक्ता सीता शरण शास्त्री है, मूल पाठ पर प0 ज्योति प्रसाद उनियाल शास्त्री है। इस अवसर पर अपने वक्तव्य में संत गोपाल मणि ने कथा में श्रीमद भागवत कथा की व्यख्या करते हुए कहा कि श्री मतलब गाय,मद यानी घमंड,भागवत यानी भगवान, ज्ञान और उन्होंने सम्पूर्ण व्याख्या बताई “गाय का घमंड मनुष्य को भगवान का बना देता है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष में हमारे वेदों के मूल सिद्धांतो का पालन ही नही हो रहा है यदि सिद्धांतो को अपनाया जाना शुरू होगा तो हमारा जीवन स्वयं धन्य हो जाएगा।

उन्होंने कहा गया के दूध में चमत्कार है। गाय में ही हर पुराण विद्यालय है। घर मे सत्कर्म जुड़ेगा तो घर मे गोकर्ण पैदा होंगे।इंसान के प्राण पुंज गौ में ही निहित है गौ कृपा से ही मनुष्य भव सागर पर करता है। देवस्थानम बोर्ड बनाये जाने को लेकर संत गौपाल मणि ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हिन्दू परम्पराओं को सरकारी नियमो में बांधना सही नही है।
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