शास्त्री सीता शरण के कृष्ण भजनों पर झूमे श्रद्धालु
उत्तरकाशी : प0 सीता शरण शास्त्री ने तिलोथ शेरा में कंसवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के वक्तव्य में उत्तराखंड व उत्तराखंड के देवी देवताओं के बारे में विस्तार से बताया किस तरह उत्तराखंड की धरती पर देवी देवताओं ने जन्म लेकर अपनी लीलाएं की है।
उन्होंने नाल्डकठुड के प्रसिद्ध भानेश्वर महादेव,नाग देवता और भगवती नागनी का उत्तराखंड में किस तरह वास हुआ है विस्तार से बताया। उन्होंने कथा प्रवचन में भगवान श्री गणेश का उदाहरण देते हुए मातृ और पितृ भक्ति करने पर किस तरह का फल मिलता है इसके बारे में विस्तार से कथा सुनाई और युवाओं को श्रीगणेश भगवान की मातृ पितृ भक्ति से प्रेरणा लेने की नसीयत दी। तथा संगीतमय भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को माता पिता की भक्ति करने के लिए प्रेरित किया।

श्री शरण ने कथा वक्तव्य में कहा कि जिस घर में बेटी को देवी समझकर सम्मान दिया जाता है। उस घर में रिद्धि सिद्धि का आगमन स्वयं ही हो जाता है उस घर में जन्म लेने के लिए देवी देवता आतुर रहते हैं। उन्होंने कथा में आये श्रद्धालुओं को घर में आये अतिथियों का स्वागत भगवान के तुल्य करने की नसियत दी।
श्री शरण शास्त्री ने कृष्ण जन्म से जुड़ी सभी कथाओं को श्रद्धालुओं को विस्तार से सुनाया और कृष्ण जन्म पर भगवान श्रीकृष्ण के मधुर भजनों पर पांडाल में बैठे सभी भक्त झूमने को मजबूर कर दिया। “गोकुल कु काना” भजन शुरू होते ही सभी खड़े उठकर कृष्ण भक्ति में झूमते रहे।

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