सैकड़ों नम आंखों से दी प0 शिव स्वरूप "याज्ञिक" को अंतिम विदाई ,शव यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग हुए सामिल

राजेश रतूड़ी
भटवाड़ी : भटवाड़ी गाँव के पसिद्ध लेखक,आचार्य,कर्मकांड वेता प0 शिव स्वरूप "याज्ञिक" को आज सैकड़ों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई। ब्राह्मणों ने  पुपुरसूक्त के साथ हवन कर बेटे कपिल ने दी मुखाग्नि।
दिवंगत प0 शिव स्वरूप ने जौलीग्रांट अस्पताल में विगत दिवस सुबह 8 बजे ली थी अंतिम सांस उनके प्रार्थिक शरीर को पैतृक गांव भटवाड़ी में उनके घर लाया गया जहां पर सभी ने उनके अंतिम दर्शन किये। पैतृक निवास से शव यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग हुए सामिल
ज्योतिष और कर्मकांड के वेता थे दिवंगत प0 शिव स्वरूप

प0 शिव स्वरूप ज्योतिष के अच्छे जानकार थे उनके पास ज्योतिष सीखने वालों का तांता लगा रहता था। जिस कारण जगह जगह से लोग उनके पास अपनी जन्म कुंडली दिखवाने के लिए आया करते थे। तथा कर्मकांड के क्षेत्र में उन्होंने 24 किताबों की सरल भाषा टीका लिखकर भारत में ब्राह्मण समाज के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी लिखी भाषा टीका पुस्तके नोसिखया ब्राह्मणों के लिए मील का पत्थर सावित हो रही है।

अच्छे कॉमेडियन भी थे दिवंगत प0 शिव स्वरूप

प्राय सरल और शांत दिखने वाला व्यक्ति कॉमेडियन भी हो सकता है सभी की सोच से परे है। उनके शिष्य प0 प्रभात शास्त्री ने इनके निधन पर गहरा शौक व्यक्त करते हुए कहा पूजा पाठ के दौरान गुरुजी काफी कॉमेडी किया करते थे जिससे  सभी पण्डितों का मन बहलाया करते थे उनका आकस्मिक निधन सनातन धर्म के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है जिसे कभी पूरा नही किया जा सकता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्मैक के साथ इंद्रा कालोनी उत्तरकाशी का 1 युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा

सुक्की टॉप के पास यूटिलिटी वाहन दुर्घटनाग्रस्त एक की मौत तीन घायल

सड़क हादसा : गंगनानी के समीप :बस दुर्घटनाग्रस्त 27 लोग सवार