अतुल्य गंगा प्रोजेक्ट से जुड़े 25 सदस्यीय दल गोमुख से लेकर गंगा सागर तक गंगा नदी की परिक्रमा कर प्रदूषित होने वाले कारकों को करेंगे चिन्हित
राजेसग रतूड़ी
प्रोजेक्ट से जुड़े गोपाल शर्मा ने बताया कि सेना से सेवा निवृत लोगों ने मिलकर पर्यावरण की स्वच्छता व गंगा नदी को स्वच्छ व अविरल बहने के लिए जन सहयोग के माध्यम से एक मुहिम शुरू की है जिसका उद्देश्य "सबका साथ हो गंगा साफ हो" प्रोजेक्ट को लेकर गंगा नदी की स्वच्छहता,अविरलता को लेकर काम करना है। जिसके लिए प्रोजेक्ट से जुड़े आलोक केलर ने 2850 किमी की गंगा परिक्रमा करेंगे। पिछले वर्ष 2020 में प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यकर्ताओं ने 5530 किमी यात्रा 190 दिन में पूरी की थी तथा गंगा नदी को हरे बृक्षों की माला पहनाने का स्कल्प लिय्या है। प्रोजेक्ट से जुड़े 25 सदस्यों के दल के द्वारा गोमुख से लेकर गंगा सागर तक गंगा नदी के दोनों तरफ पड़ने वाले कस्वों,गांवों व शहरों में किस जगह पर गंगा नदी प्रदूषित हो रही है सभी जगहों का चिन्हीकरण कर जन सहयोग और सरकार के माध्यम से गंगा स्वच्छता को लेकर काम किया जा रहा है। इसके बाद गंगा नदी के दोनों तरफ बृक्ष लगाकर हरित हार पहनाकर गंगा को भेंट करना है जिसकी शुरुआत हो चुकी है और इसमें काफी हद तक सफलता भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस मिशन की कामयाबी जन सहयोग के बिना नही हो सकती है। प्रथम चरण की शुरुआत हो चुकी है जैसे जैसे जन सहयोग मिलता रहेगा गंगा स्वच्छता को लेकर कामयाबी मिलती रहेगी।
उत्तरकाशी : अतुल्य गंगा प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी में प्रेस वार्ता कर प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी गतिविधियों को पत्रकारों के साथ साझा किया।
प्रोजेक्ट से जुड़े गोपाल शर्मा ने बताया कि सेना से सेवा निवृत लोगों ने मिलकर पर्यावरण की स्वच्छता व गंगा नदी को स्वच्छ व अविरल बहने के लिए जन सहयोग के माध्यम से एक मुहिम शुरू की है जिसका उद्देश्य "सबका साथ हो गंगा साफ हो" प्रोजेक्ट को लेकर गंगा नदी की स्वच्छहता,अविरलता को लेकर काम करना है। जिसके लिए प्रोजेक्ट से जुड़े आलोक केलर ने 2850 किमी की गंगा परिक्रमा करेंगे। पिछले वर्ष 2020 में प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यकर्ताओं ने 5530 किमी यात्रा 190 दिन में पूरी की थी तथा गंगा नदी को हरे बृक्षों की माला पहनाने का स्कल्प लिय्या है। प्रोजेक्ट से जुड़े 25 सदस्यों के दल के द्वारा गोमुख से लेकर गंगा सागर तक गंगा नदी के दोनों तरफ पड़ने वाले कस्वों,गांवों व शहरों में किस जगह पर गंगा नदी प्रदूषित हो रही है सभी जगहों का चिन्हीकरण कर जन सहयोग और सरकार के माध्यम से गंगा स्वच्छता को लेकर काम किया जा रहा है। इसके बाद गंगा नदी के दोनों तरफ बृक्ष लगाकर हरित हार पहनाकर गंगा को भेंट करना है जिसकी शुरुआत हो चुकी है और इसमें काफी हद तक सफलता भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस मिशन की कामयाबी जन सहयोग के बिना नही हो सकती है। प्रथम चरण की शुरुआत हो चुकी है जैसे जैसे जन सहयोग मिलता रहेगा गंगा स्वच्छता को लेकर कामयाबी मिलती रहेगी।
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