3 साल में ही बोल गई नमामि गंगे की 15 लाख की लागत से बनी योजना,कार्यदाई संस्था के अधिकाररी बच रहे हैं जवाब देई से बड़ा सवाल
उत्तरकाशी : केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार भले ही नमामि गंगे योजना की सफलता को लेकर स्वयं की पीठ थप थपा रहे हो किन्तु धरातल पर कुछ और ही नजर आ रहा है जिसकी बानगी तहसील मुख्यालय भटवाड़ी गांव में लगभग 15 लाख की लागत से बनी योजना की गुणवत्ता देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। कि नमामि गंगे योजना में कैसा काम हुआ है जिसके चलते अब जिले में नमामि गंगे योजना की मॉनिटरिंग कर रही कार्यदाई सस्था स्वजल विभाग की तकनीकी विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे है।
बतादे वर्ष 2010 से पानी रिसाव के कारण विकासखण्ड भटवाड़ी के मुख्यालय के गांव में लगातार भूधसाव व भूकटाव हो रहा था,गांव में पानी रिसाव रोके जाने के उद्देश्यों को लेकर नमामि गंगे योजना के तहत पिछले पंचायत के कार्यकाल में भटवाड़ी गांव के लिए लगभग 15 लाख लागत की भूमिगत सीबर लाइन के अलावा गांव के रास्तों में टाइल बिछने थे जो 15 लाख से हटकर था (जिसमे घरों के नलों का पानी गांव से बाहर किया जा सके ताकि पानी के रिसाव के कारण गांव में भू-धसाव रोका जा सके) योजना स्वीकृत हुई थी,उसमें काम भी हुआ, काम की गुणवत्ता को गांव के लोग काम होते समय खामोश देखते रहे। जिसके फलस्वरूप कुछ समय बाद रास्तों में बिछे टाइल उखड़ना शुरू हो गए थे अब स्थिति यह है कि भूमिगत बनी इस सीबर लाइन पर बने कई चेम्बर जो लीकेज होकर घरों को नुकशान पहुँचा रहे हैं घरों का गंदा पानी लोगों के घरों में जा रहा है लगातार पानी रिसाव के चलते विंध्याचल सेमवाल के मकान के पीछे की दीवार ढह गई तथा गंदा पानी महेश सेमवाल आदि के घरों तक पहुँच रहा है। दो तीन साल में ही योजना में हुए काम की पोल खोल कर रख दी है जिसके चलते कार्यदाई सस्था पर सवाल खड़े होने लाजमी हैं।
15 लाख से बनी नमामि गंगे की इस योजना की उम्र की जानकारी जब डीडीओ उत्तरकाशी से दूरभाष पर लेनी चाही तो साहब बोले जिले में कई योजनाएं चल रही है आफिस में आकर जानकारी ले।
यही बात जब डीएम उत्तरकाशी मयूर दीक्षित से पूछी तो उन्होंने भी जल्द ही अधिकाररी आपके सवालों का जवाब देंगे। अधिकारी ने डीएम के कहने पर भी सम्पर्क करने की जहमत तक नही समझी। अब सवाल यह होता है कि जिले में जिम्मेदार अधिकाररी अपनी जवाब देई से क्यो बच रहे हैं ये बड़ा सवाल है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि डीएम को मामले की जानकारी होने पर क्या कार्यवाही करते है यह आनेवाला समय ही बताएगा।
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