सामाजिक संस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं ने रूस का यूक्रेन पर हमले की निंदा कर केंडल मार्च निकाल कर विरोध दर्ज किया
राजेश रतूड़ी
देहरादून : रूस का यूक्रेन पर हमला
किए जाने को लेकर अब पूरे विश्व में शांति चाहने वाले लोग रूस के विरोध में सड़कों पर उतरने लगे है जिसको लेकर अब उत्तराखण्ड में भी सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने विभिन्न माध्यमों से अपना विरोध दर्ज कर युद्ध रोकने की माँग कर रहे हैं।
नव चेतना समिति से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हरादून में रिंग रोड स्थित 6 नंबर पुलिया के पास रूस के द्वारा यूक्रेन पर किये गए हमले की निंदा करते हुए कैंडल मार्च निकाला कर अपना विरोध दर्ज कराया है, सीघ्र युद्ध विराम करने की माँग की है।
समिति की संयोजक दीप्ती रावत ने कहा रूस ने अपनी साम्राज्यवादी नीतियों के कारण यूक्रेन पर युद्ध थोपा है। यह किसी भी जनतांत्रिक देश की संप्रभुता का हनन है। उन्होंने कहा किसी भी संप्रभु राष्ट्र को यह अधिकार है कि वह जिस भी सामरिक समूह में खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, उसमें रह सकते है। रूस का यूक्रेन के नाटो की सदस्यता से वंचित रहने का दबाव वैश्विक सामाजिक समरसता के अनुरूप नहीं है। पूरे विश्व को रूस की इन आतताई नीतियों के खिलाफ लामबन्द होना चाहिए। रूस अपने सैन्य शक्ति के बल पर दक्षिण एशिया में दादागिरी करना चाहता है जो कि लोकतांत्रिक व संप्रभु देशों में संभव नहीं है। इसकी वजह से दुनिया हमेशा युद्ध के माहौल में रहने को मजबूर हो जाएगी। विश्व में इस तरह का माहौल होगा तो ज्ञान विज्ञान व शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत नुकसान होगा।
उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि यूक्रेन के भीतर रहने वाले भारत के तमाम विद्यार्थियों व नागरिकों को जल्द से जल्द भारत में वापसी की व्यवस्था बनाए
कैंडल मार्च में कमला थापा, उमा, अनीता उपाध्याय, कुसुम भट्ट ,आशा थापा ,नीलम नेगी, मंजू चोपड़ा ,गुंजन, शूरवीर सिंह, कीरत सिंह रावत, आदविक, सलोनी भट्ट ,रौनक व ताशी आदि ने प्रतिभग किया।
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