उत्तराखंड जल संस्थान एवं उत्तराखंड पेयजल निगम का हो एकीकरण,सयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन
राजेश रतूडी
देहरादून : उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक रमेश बिंजोला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सयुक्त मोर्चे के द्वारा बैठक हुई जिसमें सभी सदस्यों ने यह निर्णय लिया कि अन्य पर्वतीय राज्यों की भांति उत्तराखंड जल संस्थान एवं उत्तराखंड पेयजल निगम का एकीकरण कर राजकीय करण करने के लिए
मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गया है।
ज्ञापन में मोर्चे से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अन्य पर्वतीय राज्यों का हवाला देते हुए बताया है कि भारत में 22 राज्यों में जलापूर्ति व सीवरेज व्यवस्था का जिम्मा एक ही विभाग पर है तथा उत्तफखण्ड में भी दोनों संस्थाओं के खर्च होने वाले धन को राज्य सरकार विभिन्न मदो से से अनुदान देकर किया जाता है। वर्तमान समय मे दोनों संस्थाओं के द्वारा राज्य व केंद्र सरकार द्वारा पोषित योजनाओ पर सफलता पूर्वक कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जल संस्थान की आय उपभोक्ता व सीवर व्यवस्था पर लगाये शुल्क पर आधारित है जो विभागिग व्यवस्था को चलाने के लिए ना काफी है। जल संस्थान की आत्म निर्भरता को पर्याप्त न होते हुए सरकार विभाग को संचालित करने के लिए समय समय पर अनुदान के रूप में देती है जिससे विभागीय कर्मचारियों के वेतन की व्यस्तता हो पाती है। जिस कारण सयुक्त मोर्चे की बैठक में राखंड जल संस्थान एवं उत्तराखंड पेयजल निगम का एकीकरण कर राजकीय करण करने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर माँग की है। l
बैठक में संयुक्त मोर्चा के संयोजक श्याम सिंह नेगी शिशुपाल सिंह रावत संदीप मल्होत्रा धन सिंह नेगी प्रेम कुकरेती प्रवीण गुसाईं जगमोहन सिंह बिष्ट राम चंद्र सेमवाल रमेश चंद्र शर्मा भारत सिंह रावत संजय शर्मा राजकुमार धन सिंह बिष्ट ओम प्रकाश कनोजिया लाल सिंह रौतेला धूम सिंह सोलंकी चतर सिंह डीपी बद्री आशीष तिवारी सतीश विशंभर सिंह प्रेम सिंह नेगी सुभाष सलहोत्रा संजय कुमार अमित कुमार अशोक हरदयाल नरेंद्र राजपूत संपूर्ण सिंह गुसाईं एवं प्रदीप तोमर आदि मौजूद रहे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें