"रिसर्च मेथोडोलॉजी इन द फील्ड ऑफ़ स्पेशल एजुकेशन एंड डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन” विषय पर पाँच दिवसीय कार्यक्रम दृष्टि वाधित दिव्यांगों के लिए सावित होगा मील का पत्थर

रंजू रावत
देहरादून : राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून के परिसर में सोमबार  से पांच दिवसीय रिफ्रेशर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसका विषय है “रिसर्च मेथोडोलॉजी इन द फील्ड ऑफ़ स्पेशल एजुकेशन एंड डिसेबिलिटी रिहैबिलिटेशन”  रहा
कार्यक्रम कामार्गदर्शन संस्थान के निदेशक  डॉ. हिमान्ग्शु दास ने किया। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के स्पेशल एजुकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पंकज कुमार ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की शिक्षा, उनकी दिव्यांगता एवं उनके पुनर्वास पर शोध के क्षेत्र में परिणामोन्मुख प्रयास किये जाने पर आधारित है | कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रिहैबिलिटेशन कौंसिल ऑफ़ इंडिया की भूतपूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सुदेश मुखोपध्याय रही उन्होंने दिव्यांगजनो की विषिष्ट शिक्षा एवं शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला साथ ही शोध के विषय व उनके दिव्यांगजनो पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति शोधकर्ता की ज़िम्मेदारी पर जोर दिया | कार्यक्रम में अतिथि IITE गांधीनगर की निदेशक  डॉ. दिव्या शर्मा ने रिसर्च मेथोडोलॉजी व टीचर ट्रेनिंग विषय पर प्रतिभागियों को संबोधित किया | कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक  डॉ. हिमान्ग्शु दास ने डॉ पंकज कुमार द्वारा लिखित पुस्तक विस्तारित मूल पाठ्यचर्या का विमोचन किया गया |  पांच दिवसीय रिफ्रेशर कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए 30 प्रतिभागियों के लिए रजिस्ट्रेशन आमंत्रित किये गए थे जिनका चुनाव  फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व की तर्ज पर होना था | दिवयांगजनो के सर्वांगीण विकास व उनके पुनर्वास से वे समाज की मुख्या धारा का हिस्सा बन सके और नए नए शोधकार्य उनकी शिक्षा व उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए किये जाएँ ताकि दिव्यांगता विवशता की सीमा तोड़ पाए इस उद्देश्य को पूरा करने में NIEPVD संस्थान का ये पांच दिवसीय रिफ्रेशर प्रोग्राम दृष्टि वाधित दिव्यांग जनो के लिए मील का पत्थर सावित होगा।

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