अण्डूड़ी महोत्सव में मुख्यमंत्री के न पहुँचने से स्थानीय लोग हुए निराश,विधायक सुरेश चौहान ने किया महोत्सव का उदघाटन

राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी : समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊँचाई पर दयारा बुग्याल में रैथल आसपास के पशुपालन करने वाले अपने मवेशियों को गर्मियों में छ महीने चरने चुंगने के लिए ऊँचे बुग्यालों का रुख करते है और  ठंड का मौसम शुरू होने पर अपने मवेशियों को सकुशल अपने घरों की और लाने से पहले भगवान नाग देवता व श्रीकृष्ण भगवान की पूजा अर्चना करते है। जिसमे अपने इष्ट देवो को गौरस दूध और मक्खन चढ़ाकर पूजा करते रहे हैं। इसी परम्परा को अण्डूड़ी त्योहार कहा जाता था यह परंपरा सदियों से है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिवंगत चन्दन सिंह राणा ने दयारा बुग्याल को अंतराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र में पहचान दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके अथक प्रयासों से गाँव के ग्वालो तक सीमित इस अण्डूड़ी त्योहार को दयारा बुग्याल की और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करवाने के उद्देश्य से उस दौरान "बटर फेस्टीबल" का नान दिया गया था। आज भी रैथल गाँव के लोग उसी परम्परा का निर्वाहन कर रहे हैं।
बुधवार को दयारा बुग्याल में दूध और मक्खन की होली खेली गई कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचना था खराब मौसम का हवाला देकर नही पहुँचे अण्डूड़ी उत्सव का उदघाटन विधायक सुरेश चौहान ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आने के लिए जिला प्रशासन भी पूरे लावा लस्कर के साथ कर्मचारियों सहित पहुंचे ताकि प्रदेश के मुखिया के कार्यक्रम में कोई चूक न हो। मुख्यमंत्री के न पहुचने से से स्थानीय लोगो को जो उम्मीद थी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्मैक के साथ इंद्रा कालोनी उत्तरकाशी का 1 युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा

सुक्की टॉप के पास यूटिलिटी वाहन दुर्घटनाग्रस्त एक की मौत तीन घायल

सड़क हादसा : गंगनानी के समीप :बस दुर्घटनाग्रस्त 27 लोग सवार