राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून में विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित एक माह तक चलाया जाएगा अभियान
राजेश रतूड़ी
देहरादून : राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून में विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह का विधिवत उद्धघाटन मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य के कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास ने किया कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम में टी सी ए बी के दृष्टिदिव्यांग
प्रशिक्षणार्थियों ने स्वागत गीत गाया।
मनोविज्ञान विभाग के शोधार्थीयों ने लघु नाटिका के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं का मंचन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। संस्थान के चिकित्सा एवं पुनर्वास मनोविज्ञान विभाग की प्रवक्ता सुनंदा राणा ने संस्थान द्वारा आयोजित किए जाने वाले विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के कार्यक्रमों की रूपरेखा कार्यक्रम में आये सभी लोगों के समक्ष साझा की कार्यक्रम में विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र ढालवाल ने मानसिक स्वास्थ्य उत्थान के क्षेत्र में संस्थान के पिछले 3 वर्षों की उपलब्धियों का ब्यौरासभी के सम्मुख रखा जिसमें उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा गत 3 वर्षों में 6806 मानसिक स्वास्थ्य संबंधी केसों को देखा गया है जिनमें लगभग 3000 लाभार्थियों को मानसिक दिव्यांगता के प्रमाण पत्र भी जारी करवाए है। उन्होंने बताया कि विभाग ने संस्थान के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन किरण की स्थापना में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के निदान के लिए उचित सेवाओं की मांग तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी प्रोफेशनलस की भारी कमी के गैप को भरने के लिए विभाग ने मानव संसाधन विकास के क्रम में आरम्भ किए गए नए पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। जिनमें एमफिल क्लिनिकल साइकोलॉजी, एमफिल रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी, पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी तथा विभाग की महत्वाकांक्षि परियोजना के रूप में देश में शुरू किए जाने वाले अपनी तरह के पहले पंचवर्षीय इंटीग्रेटेड बीएससी एमएससी अप्लाइड साइकोलॉजी (जो कि मुख्य रूप से पुनर्वास तथा चिकित्सा मनोविज्ञान पर आधारित है) पाठ्यक्रम की जानकारी भी दी। विभाग गत वर्षों से डीआरडीओ, आइटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस, न्यायालयों तथा अन्य सरकारी तथा गैर सरकारी संगठनों को मनोवैज्ञानिक सेवाएं प्रदान कर रहा है । विभाग प्रदेश में उत्तराखंड शासन के साथ मिलकर अनेकों मानसिक दिव्यांगता से संबंधित दिव्यांगता शिविर का आयोजन करता आया है तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के लिए प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में कार्यशालाओं का आयोजन करता आया है। विभाग न केवल मानसिक दिव्यांग जनों के चिन्हीकरण या प्रमाण पत्र बनाने में मदद करता है अपितु मनोवैज्ञानिक चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान कर रहा है जिसमें कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी, रैशनल इमोटिव थेरेपी तथा हिप्नोथेरेपी आदि मनोवैज्ञानिक चिकित्सा पद्धतियों का इस्तेमाल करता है। अपने स्वागत भाषण में संस्थान के निदेशक डॉ हिमांग्शु दास ने 10 अक्टूबर के दिन के महत्व को समझाया और कहा कि किस प्रकार मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आने वाले समय में, यदि समय रहते इनका निदान नहीं किया गया तो यह किस प्रकार एक एपिडेमिक का रूप ले सकती है तथा बताया की लगभग हर चौथे व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी प्रोफेशनल हेल्प की आवश्यकता है। डॉ. हिमांग्शु दास ने मंत्री का इस उद्घाटन समारोह में आने के लिए आभार जताया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री चंदन राम दास, कैबिनेट मंत्री समाज कल्याण मंत्रालय उत्तराखंड सरकार ने संस्थान के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रशंसा की तथा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए संस्थान द्वारा दिए जा रहे योगदान की प्रशंसा की तथा अपेक्षा जताई कि यह संस्थान भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। माननीय मंत्री उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास के समस्त कार्यक्रमों की सराहना की व संस्थान के निदेशक डॉ. हिमांग्शु दास को इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी। डॉ। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, प्रशिक्षणार्थी व शोधार्थी मौजूद रहे।
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