नाट्य दल संवेदना समूह के कलाकारों ने गंगा अवतरण व बीर भड़ नरु- बीजु व नरु -बिजोरा की प्रेम गाथा को किया जीवंत
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी : बाड़ाहाट कु थोलू उत्तरकाशी में जनपद के नाट्य दल संवेदना समूह की और से थौलु में गंगा अवतरण व उत्तरकाशी के वीर भड़ दो भाई नरु-बिजु तथा नरु-बीजोरा की प्रेमगाथा पर आधारित नाटक का मंचन किया
आपको बतादे नरु और बीजोरा के प्रेमकथा की शुरुआत बाड़ाहाट के थोलू से हुई बताई जाती है। जहाँ पर नरु उस समय की प्रथाओं के विपरीत जाकर बीजोरा से शादी करते हैं।
संवेदना समूह के कलाकारों ने अपनी नाट्य प्रस्तुतियो से तत्कालीन सभी घटनाओं को दिखाने का सफल प्रयास किया जिसको दर्शको ने खूब सराहा
नाटक में गिठियों की पंचायत और नरु-बीजोरा के संवाद , इंद्रावती की गाड़ से नहर बनाने के दृश्य ने दर्शकों का जमकर मन मोहा।
नरु-बीजोरा नाटक के लेखन गीत-संगीत अजय नौटियाल, निर्देशन श्रीष डोभाल, परिकल्पना जयप्रकाश राणा, गंगा अवतरण में निर्देशन डॉ अजीत पंवारऔर नरु के किरदार में राजेश जोशी, बीजोरा गंगा डोगरा, बिजु संजय पंवार, टिहरी नरेश के रूप में दीवाकर बौद्ध, महिधर में जयप्रकाश नौटियाल, पंडित कौशल चौहान सहित विपिन नेगी, अंजली, दीपा, रोशन, सुबोध, आलोक, अरबाज, अंकित, सुधा, सिमरन, दीप्ती, संतोषी, प्रमोद,उत्तम, हरदेव,नितिन, देवराज माधव भट्ट, ने अभिनय किया। गायन में प्रियांशु और श्रुति रहे।गंगा अवतरण में शिव के किरदार में पवन गेरौला, भागीरथ विपिन नेगी और मां गंगा का अभिनय सिमरन ने किया।
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