प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता का खजाना है कुशकल्याण बुग्याल
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी : प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता और अनुपम छटाओं के विहंगम दृश्यों के नजारों का लुत्फ उठाना हो तो सब कुछ छोड़ चाड कर चले आइए कुशकल्याण बुग्यालों की और और खो जाइये प्रकृति गोद में यहां मिलेगा आपको मन को चेन और तन को सुकून।
उत्तरकाशी जिले की भटवाडी विकासखण्ड में पड़ने वाले ग्राम सिल्ला से मात्र 10 किमी दूरी पर स्थित कुशकल्याण बुग्याल पर्यटन की दृष्टि से बहुत ही मनमोहक स्थान है। यह बुग्याल आकर्षण के केन्द्र के साथ साथ कयी प्रकार के औषधीय पादप पुष्पो और जीवन रक्षक जड़ीबूटियों का भंडार भी है।
कुशकल्याण बुग्याल तक जाने का बेस कैम्प सिल्ला गांव है यहां से मात्र 8-10 किमी दूरी पर स्थित है। कुशकल्याण बुग्याल का ट्रैक बेहद ही रोमांच से भरा है ट्रैक पर चलते हुए कई सुन्दर घाटियाँ , बुग्याल तथा मात्र 4 किमी दूरी तय करने के बाद छोटे छोटे सुन्दर पुष्पों से सजे छोटे छोटे सुन्दर बुग्यालों का नजारा पर्यटक सैलानियों को अपनी और खीचता हुआ आगे की दूरी तय करने के लिए प्रेरित करते हैं ऐसा लगता है मानो प्रकृति की भाषा मे कह रहे हैं जब इतनी मनमोहने वाली सुन्दरता इन छोटे छोटे बुग्यालों में है तो कुशकल्याण बुग्याल की सुन्दरता केसी होगी?
कुशकल्याण बुग्याल वर्ष के 4 माह बर्फ से ढका रहता जिस कारण यहां तक पहुँचने वाले पर्यटक यहां पर आइस स्कीइंग का भी लुत्फ उठाते हैं। बाकी के 8 माह मखमली बुग्याल सुन्दर पुष्पों से सजे रहते हैं। कुशकल्याण बुग्याल से कई मनमोहक विहंगम दृश्यों का नजारा देखने को मिलता हैं। इस वर्ष पर्यटकों का दूसरा जथ्था यहां की वादियों का लुत्फ उठाने के लिए रवाना हो चुका हैं।
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