राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने व अन्य मांगों को लेकर आशा वर्करो व आशा फेसलेटरो का प्रदर्शन
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी : आशा वर्करो ने (21 सूत्रीय) व आशा फेसलेटरो ने (9 सूत्रीय) मानदेय बढ़ोतरी सहित मांगों को लेकर जुलूस निकाल कर किया प्रदर्शन , डीएम उत्तरकाशी के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन।
आशा वर्कर व आशा फेसलेटरो ने एक ही बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सीएमओ आफिस में प्रदर्शन किया तथा वहां से जुलूस की शक्ल में सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए उत्तरकाशी शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए कलक्ट्रेट परिसर पहुँची। कलक्ट्रेट में उन्होंने डीएम उत्तरकाशी के माध्यम से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की है तथा चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नही किया जाता है तो आनेवाले समय मे आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आशा वर्कर व आशा फेसलेटरो को एनएचएम के माध्यम से काम करते 17 साल हो चुके हैं आशा फेसलेटर को महीने में केवल 20 दिन का मानदेय दिया जाता है जबकि आशा वर्कर को केवल प्रोत्साहन राशि ही दी जाती है। इनका कहना है कि सरकार आशा वर्कर व आशा फेसलेटरो से काम पूरा ले रही है और बदले में सुविधाएं कुछ भी नही दे रही है। जबकि कोविड माहमारी जैसी आपदाओं में हमने सेवाएं दी है। आशा फेसलेटरो व आशा वर्करों का कहना है कि सरकार हमे 30 दिन का मानदेय देकर राज्य कर्मचारी घोषित करे।
प्रदर्शन करने वालो में आशा फेसलेटर मंजू बलूनी,सरिता रावत,सविता रावत,रीना नौटियाल,सीमा,निर्मला,कविता,कुसुम,सन्तोषी,कविता,शशि,आशा वर्कर मधु पंवार,बिनीता,सुगन्धि,प्रमिला,कुसुम,सुलोचना,गीता,दीपा,मंजू,पवित्रा,सुनीता,ममता,किरन, ऋतु,सावित्री,बबिता आदि महिलाएं मौजूद रही
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें