भारतीय संस्कृति की अलख देश मे ही नही बल्कि विदेशी धरती में जगाना मेरा उद्देश्य है : रावल मोहित "शास्त्री"
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी : गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित रावल मोहित सेमवाल "शास्त्री" इन दिनों वृंदावन धाम मे भागवत कथा कर रहे हैं। उनकी कथा सुनने के लिए आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
प0 मोहित "शास्त्री" ने महज 21 वर्स की उम्र में कई जगहों पर अपनी कथा कर लोगो के बीच अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया है जिस कारण उनकी कथा की डिमांड जगह जगह पर हो रही है। इसके अलावा इनके द्वारा विभिन्न धार्मिक गतिविधियों का संचालन करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में गंगोत्री धाम में "हारे का सहारा" नाम से ट्रस्ट की नींव रखी ताकि कथा के साथ साथ लोगो की सेवा भी कर सके । छोटी उम्र में इनकी आध्यात्मिक रूचि ने इन्हें मानव जाति की सेवा और वेद, पुराण उपनिषदों के अध्ययन करने के लिए मजबूर किया और अब अपने आध्यात्मिक चिंतन से जगह जगह कथाओं और प्रवचनों के माध्यम से वेदों, पुराणों व उपनिषदों का प्रचार प्रसार कर लोगो मे आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं ताकि हमारी भारतीय संस्कृति ,कला,संगीत विधा को संजोए रखा जा सके। रावल मोहित सीमवाल "शास्त्री" से बातचीत में उन्होंने बताया कि भारत ही नही अपितु विदेशों में भी लोगो के बीच अपनी कथाओं के माध्यम से वेद,पुराण उपनिषदों का प्रचार प्रसार। करने के साथ साथ सनातनी परम्परा की पूरे विश्व मे अलख जगाना ही उन्होंने अपना उद्देश्य बताया है। जिसके लिए उन्हें जीवन दायनी गंगा मैय्या से हमेशा प्रेरणा मिली है।
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