अजब-गजब : उत्तरकाशी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से बहाए जा रहे सीवर से गंगा की स्वच्छता को खतरा

राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी :  गंगा की स्वच्छता को बनाए रखने को लेकर  सरकारी महकमे ,  गैर सरकारी संगठन लाख दावे करे हकीकत इससे उलट है जिसकी बानगी उत्तरकाशी के ज्ञानसू स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को देखकर लगाया जा सकता है। जहां पर फिल्टर करने के बजाय सीवर को सीधे गंगा नदी के किनारे बहाया जा रहा है जिस कारण गंगा नदी की स्वच्छता पर खतरा मंडरा रहा है।
            सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश पंवार ने उत्तरकाशी के ज्ञानसू में स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट चला रही संस्था पर शहर के सीवर को सीधे गंगा नदी में बहाने का आरोप लगाया हुए कारवाही की माँग की  है। उनका कहना है कि सीवर ट्रीटमेंट कर रही कम्पनी के लोग बड़े अधिकारियों की सह पर  सीवर को  फिल्टर करने के बजाय सीधे ही नदी में बहा रहे हैं। और नदी के किनारे पड़े सीबर के ऊपर रेत बिखेर कर ढकने का प्रयास कर अपनी कमियों को छुपाने का प्रयास कर रहे है।  जो कि सरासर गलत है तथा गंगा मैया की स्वच्छता व अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना है कि कई वर्षों से उत्तरकाशी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट चल रहा है और  ट्रीटमेंट से बनी मल के रूप में  खाद बहुत कम नजर आ रही है। जबकि कम्पनी ने न तो प्लांट के द्वारा मल से बनी खाद को कही बेचा गया है और न खाद का ढेर दिख रहे है। जबकि कम्पनी का कहना है कि सीवर ट्रीटमैंट जारी है तब से लेकर आजतक मल से बनी खाद का पहाड़  बन जाना चाहिए था आखिर इतने सालों के मल से बनी खाद कहा है यह बड़ा प्रश्न है। जब गंगोत्री मेल की टीम ने इसकी पड़ताल की तो गंगा नदी के किनारे भारी मात्रा में मल बिखरा नजर आया जिसको कम्पनी के लोग रेत से ढकते नजर आ रहे थे।
       वही जब सीवर ट्रीटमैंट कम्पनी में काम कर  रहे इंचार्ज सुनील उपाध्याय से बात की तो उन्होंने बताया कि सीवर ट्रीटमैंट प्लांट लगातार काम कर रहा है इसकी 24 घण्टे में क्षमता 20 लाख  लीटर सीवर को ट्रीटमैंट कर फिल्टर करने की क्षमता है।  अब बड़ा सवाल यह है कि इतने सालों से बनी खाद भी नजर नही आ रही है और यहां पर रखी मशीन भी ऐसे लग रही हो जैसे काफी समय से बंद पड़ी हुई हो आखिर कम्पनी पर नियंत्रण कर रहे जल संस्थान ,गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई और एनजीटी आदि सरकारी विभागों को यह सब क्यो नजर नही आ रहा है। यक्ष प्रश्न है। आखिर गंगा की स्वच्छता को लेकर उत्तरकाशी में कौन बनेगा भगीरथ यह पता नही है फिलहाल गंगा नदी में इस तरह सीवरेज बहाकर नदी की स्वच्छता खतरे। में है।

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