भटवाड़ी : प्रसिद्ध भास्करेश्वर महादेव मंदिर के कपाट दर्शनार्थ खुले ,कण्डार देवता व समेश्वर देवता की डोली रही मौजूद
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी/भटवाड़ी : महा शिवरात्रि पर्व पर भटवाड़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध भास्करेश्वर महादेव मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिए गए है। जिले में भटवाड़ी का भास्करेश्वर महादेव का ऐसा शिव मन्दिर है जिसके कपाट 1 माह के लिए बंद कर दिए जाते है।
तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर मालगुजार भगवती प्रसाद नौटियाल की मौजूदगी में प0 अभिषेक नौटियाल व प0 राजीव नौटियाल ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भास्करेश्वर महादेव मन्दिर के कपाट दर्शनार्थ खोल दिए है।
बतादे विगत जनबरी माह में मकरसंक्रांति के दिन भटवाड़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध भास्करेश्वर मंदिर के कपाट बंद करने की परंपरा है। उत्तरकाशी जिले में भटवाड़ी का भास्करेश्वर महादेव मन्दिर है जिसके कपाट केवल एक माह के लिए बंद कर दिए जाते है। मन्दिर के कपाट 1 माह के लिए क्यो बंद कर दिए जाते है कोई ठोस जानकारी किसी के पास नही है इसे परम्परागत मांन कर हर वर्ष ग्रामीणों के द्वारा परंपरा का निर्वाहन किया जाता है। इस वर्ष महा शिवरात्रि पर्व पर भास्करेश्वर मन्दिर में कपाट खुलने के बाद से ही शिव लिंग पर जलाविषेक करने वालो का तांता लगा रहा। दिन के समय कण्डार देवता व समेश्वर देवता की आज्ञा से पाँच गाँव के मालगुजारों की मौजूदगी में शिव पार्वती विवाह की झांकी निकाल कर भटवाड़ी क्षेत्र के लोगो ने महा शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया।
शिव विवाह में प्रधान संतोष नौटियाल,सुशीला राणा,क्षेप अनुराधा रतूड़ी ,भाजपा नेता जगमोहन रावत,जेष्ठ प्रमुख मनोज रावत , मालगुजार सुंदर सिंह, ,किशन सिंह , सोबेन्द्र सिंह , वचन सिंह ,लोकमणि रतूड़ी ,प्रकाश सेमवाल ,राजकेन्द्र सिंह ,संजय सेमवाल तमन रतूड़ी आदि शामिल हुए।
अनूठी परंपरा
भटवाड़ी के भास्करेश्वर महादेव मन्दिर में महा शिवरात्रि को रात्रि के समय शिव भक्तों के द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया है जिसमे भटवाड़ी गाँव व आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग पहुंचते है सुबह के समय गाँव के सभी परिवार मन्दिर के अखंड दीपक से मन्दिर के पुजारियों द्वारा दिया जलाकर दिया जाता है और जलते हुए दिए को घर तक पहुंचाकर गाँव का हर परिवार अपने देवालय में रखता है। मान्यता है कि घर मे जलते हुए दिए को घर तक पहुंचाने से भगवान भोलेनाथ की कृपा से सुख समृद्धि, खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
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