यात्रियों के पंजीकरण व सीमित संख्या के तुगलकी फरमान को लेकर होटल एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने खोला मोर्चा सीएम और प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी : होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी ने उत्तराखंड के चारो धामो में यात्रियों के सीमित संख्या व पंजीकरण कराए जाने के तुगलकी फरमान को लेकर मोर्चा खोल दिया है होटल एसोसिएशन जुड़े लोगों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर आगामी यात्रा शुरू होते ही 10 मई से अपने अपने प्रतिष्ठान, टैक्सी व बस आदि सेवाऐ बन्द रखने के साथ ही अन्य सभी विकल्पों पर विचार करने को लेकर चेतावनी दी है।
होटल एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने हनुमान चौक उत्तरकाशी में एकत्रित होकर एक आम सभा की तथा बाद में कलक्ट्रेट पहुँचकर डीएम के माध्यम से ज्ञापन देकर उत्तराखंड व केन्द्र सरकार पर अपनी मांग मनवाने का दबाव बनाने की कोशिश की होटल एसोसिएशन जुड़े लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा के लिए शासन के द्वारा ऑन लाईन पंजीकरण आवश्यक किया गया है किन्तु यूटीडीबी की बेवसाइड पर सभी धामों के स्लॉट 31 मई तक फुल दिखा रहा है। जिससे यात्रियों का पंजीकरण नही हो पा रहा है। जबकि शासन द्वारा चारधाम यात्रा में सीमित संख्या में यात्रियों को भेजे जाने का कोई भी आदेश नही है। उत्तरकाशी में 11000 हजार की संख्या तय की गयी है क्योकि सरकारी आंकडो में 11000 बैड की व्यवस्था का आंकड़ा दिया गया है। जबकि होटल एसोसिएशन ने गंगा घाटी में (गंगोत्री धाम के लिए) 29000 बैड का जमीनी आंकडा जुटा कर शासन प्रशासन के समक्ष रखाा है। यही ही स्थिति सभी धामो की है। किन्तु सरकार की तरफ से कोई भी उचित कार्यवाही व कार्ययोजना न होने से सीजन में सभी धामों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला होने का अंदेशा है। होटल एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने शासन और प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नवम्बर से मार्च अप्रैल तक 6 माह का समय सरकार और प्रशासन के पास चारधाम की तैयारियों के लिए होता है। किन्तु पूरे 6 माह हाथ पर हाथ रखने के बाद अचानक मार्च अप्रैल में आनन फानन में बिना किसी योजना के तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है जिससे यात्रीयों और दूर आपरेटरी में चारधाम को लेकर नाकारात्मकता बढती जा रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार के मंत्री और पर्यटन से जुड़े अधिकारियों को नसीहत दी है कि पर्यटन को समझने के लिए विदेशों के दौरे करते है, जहाँ ऐसी कोई भी धार्मिक यात्राएं आयोजित नहीं होती। जबकि भारत में ही चलने वाली एवं लगभग सामान भौगोलिक परिस्थितियों वाली वैष्णु देवी यात्रा से उन्हें सीखना चाहिए। होटल एसोसिएशन जुड़े लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा में यात्रियों की सीमित सख्या तत्काल समाप्त कर चारो धानों के पंजीकरण स्लॉट को खोल दिया जाय ,ऑन लाईन पंजीकरण के साथ ही ऑफ लाईन पंजीकरण की भी व्यवस्था पूर्व की भांति यथावत रखी जाए, हैली सेवाओं में काला बाजारी पर रोक लगवा कर पारदर्शिता लाई जाए, मेडिकल सुविधा, संचार व्यवस्था, बिजली-पानी, पार्किंग व्यवस्था, सड़को का सुधारीकरण, शौचालयों, डडी-कण्डी व घोडे खच्चरो आदि व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाए। आदि मांगों को उत्तराखंड सरकार तथा केंद्र सरकार के समक्ष रखी।
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