माँ गंगा की उत्सव डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना, रात्रि प्रवास भैरवघाटी में होगा।
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी : विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट शुक्रवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे जिसको लेकर दोनों धामो में मन्दिर समितियों ने सभी तैयारी पूरी कर चुकी है।
एक और जहां गंगा मैया के शीतकालीन प्रवास मुखवा मुखीमठ से ठीक 12 बजकर 15 मिनट पर मां गंगा की भोग मूर्ति को उत्सव डोली में बैठाकर सैकड़ो श्रद्धालुओं की जयकारों व सेना के बैंड धुनों के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो चुकी है। मार्कण्डेय पूरी होते हुए रात्रि को भैरवघाटी स्थित भैरव मन्दिर में प्रवास करेगी कल सुबह पूजा अर्चना के पश्चात पुनः गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर्व पर 12 बजकर 25 मिनट पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री मन्दिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। गंगा मैया के शीतकालीन प्रवास मुखवा गाँव में बेटी बिदाई जैसा माहौल बना हुआ है।
वही दूसरी और यमुनोत्री धाम के कपाट शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर्व पर खोल दिए जाएंगे। परम्परा के अनुसार शुक्रवार को शनि महाराज व समेश्वर देवता की अगुवाई में यमुना माता की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास खरसाली "खुशिमठ" से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी जिसको लेकर मन्दिर समिति के द्वारा सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है।
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