स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से खनन जोरो पर
उत्रकाशी : स्थानीय प्रशासन व वन विभाग की मिली भगत से भटवाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से गंगा नदी व उसकी सहायक नदियों पर लगातार बेरोकटोक से खनन जारी है। जो कि पर्यावरण व जलवायु के लिए खतरे का सबब बन सकता है।
ताजा मामला तहसील मुख्यालय में देखा गया है तहसील कार्यालय से महज ही कुछ दूरी पर बिना स्वीकृति के बीआरओ के ट्रक पर जेसीबी मशीन से गंगा नदी की सहायक नदी पापड़ गाड पर सड़क पर डंपिंग करने को लेकर अवैध खनन किया जा रहा है l पापड़ गाड़ पर अवैध खनन से क्यारक गांव को खतरा हो सकता है। गत बरसात के दौरान पापड़ गाड़ में उफान आने से राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे से धसाव हुआ था।
आपको बताते चले कि वर्ष 2010 से लगातार वर्तमान तक क्यार्क की और से लगे पापड़ गाड पर भूस्खलन व भू धसाव जारी है बावजूद इसके स्थानीय खनन माफिया व बीआरओ के लोग लगातार खनन कर रहे है जिससे गांव के लिए खतरे का सबब बन सकता है।
जिला खनन अधिकारी प्रदीप कुमार से पूछा गया तो उन्होंने मामले की जानकारी न होने की बात कही तथा टीम भेजकर मामले की जांच करेंगे।
यही बात जब एसडीएम भटवाड़ी मुकेश रमोला से पूछी तो उन्होंने बताया कि अवैध खनन करने वालो पर प्रशासन शक्ति से कारवाही करेगा। बीआरओ को चुंगान की स्वीकृति की बात पूछी तो उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में नहीं है यदि गलत हुआ तो कारवाही की जाएगी।
जबकि सरकार अवैध खनन रोकने के दावे कर रही हो किन्तु धरातल पर उसका उलट ही नजर आ रहा है। भटवाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से गंगा नदी व उसकी सहायक नदियों में धड़ले से खनन जारी है।
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