विश्व ग्लेशियर दिवस पर संस्कृत महाविद्यालय उत्तरकाशी में विचार गोष्ठी आयोजित
राजेश रतूड़ी
उत्तरकाशी । गंगा धरोहर मंच के तत्वावधान में संस्कृत महा विद्यालय उत्तरकाशी में विश्व ग्लेशियर दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें ग्लेशियर बचाने को लेकर गहन चिंतन मंथन कर विभिन्न विचारकों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
विश्व ग्लेशियर दिवस पर संस्कृत महाविद्यालय उत्तरकाशी में ग्लेशियर बचाने को लेकर विचार गोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विचारकों ने अपने विचार रखे। गोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। गोष्ठी में ब्रम्हचारी जी ने ग्लेशियर बचाने को लेकर विस्तार पूर्वक अपने विचान रखे तथा सभी को एक वृक्ष लगाने की नसीहत दी। डॉ किशोर चौहान ने बताया कि पूरे विश्व में 950075 ग्लेशियर हे तथा सबसे बड़ा ग्लेशियर गंगोत्री ग्लेशियर हे ।ग्लेशियरों का लगातार पिघलना चिंता का विषय हे हम सभी को पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे वर्ना आनेवाले समय में मनुष्यों को पानी की बूंद बूंद के लिए तरना पड़ेगा। गोष्ठी में रावल अशोक सेमवाल , राधेश्याम खंडूड़ी , पवन नौटियाल आदि ने भी ग्लेशियर बचाने को लेकर अपने अपने विचार रखे और आम जन मानस तक पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक बढ़ाने की अपील की गई। गोष्ठी का संचालन डॉ संभू नौटियाल ने किया।
गोष्ठी में डॉ द्वारिका प्रसाद,अरविंद कुड़ियाल,सुमन नौटियाल,माधव जोशी,साध्वी समर्पिता आदि मौजूद रहे।
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