पुरोला, उत्तरकाशी वीरेंद्र चौहान की रिपोर्ट पुरोल प्रखंड के ढ़काड़ा गॉव में बुधवार को रवांई, जौनसारी,बाबरी महोत्सव में झूलका नृत्य की प्रस्तुति ने क्षेत्रीय संस्कृति के लोक मिलन कार्यक्रम में विलुप्त होती बोली,भाषा व पौराणिक रितीरिवाज,बार त्योहार नातेदारी,रिस्तेदारी की याद तरोताजा कर दी बुधवार को क्षेत्र के ईष्ट श्रीगुल देवता महाराज के मंदिर प्रांगण में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ पूजा अर्चना,अछांणी,मात्रियों की बंदना के साथ हुआ आयोजन का उदेश्य सरकारी गैर सरकारी नौकरियों को लेकर वर्षो से गांव से बाहर देश के विभिन्न शहरों व विदेशों में नोकरी करने गए युवाओं में विलुप्त होती संस्कृति,बिसराई जा रही संयुक्त परिवार परंपरा उनके बच्चों में भाषा,बोली व नातेदारों,रिस्तेदारों की पहचान को लेकर पनप रहे रूखेपन को दूर करने समेत भाषा व रवांई,बाबरी,जौनसारी संस्कृति के संरक्षण को मंच के माध्यम से प्रयास करना है कार्यक्रम के आयोजक ढकाडा गांव निवासी दिल्ली में ईएफको क़पनी में अधिकारी मायाराम शर्मा ने बताया कि अपनी संस्कृति सरक्षंण-पलायन रोकने के लीऐ एक अनूठी पहल की है पहल के तहत गॉव से बाहर नोकर...
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कर्मचारी एक्ट के अंतर्गत हो शराबी सख़्स पर कार्यवाही : स्वास्थ्यकर्मी उत्तरकाशी आपको बता दे शनिवार देर रात आपात कालीन सेवा में काम कर रहे डॉक्टर और कर्मचारी के साथ शराब के नशे में धुत्त होकर एक सख़्स ने बदतमीजी की जिसको लेकर जिला अस्पताल के सभी कर्मचारी धरने पर बैठ रखे हैं और जिसके कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों की खासी फजीहत हो रही है वही दूसरी और स्वास्थ्य कर्मी शराबी सख़्स पर कार्यवाही को अड़े हुए है कर्मचारी यूनियन के लोगो का आरोप है कि प्रसाशन उक्त सख़्स पर कार्यवाही करने के बजाय बचाने में जुटा है कर्मचारी यूनियन का कहना है उक्त सख़्स पर कर्मचारी एक्ट के तहत कार्यवाही हो।
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मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने दयारा बुग्याल में की जल सरक्षण,जल संचय और जल सम्वर्धन कार्य की शुरुआत उत्तरकाशी मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन उत्पल कुमार सिंह ने जल संचय,जल संरक्षण व जल संवर्द्धन कार्य का शुभारंभ उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती क्षेत्र रैथल गांव के तोक गोई से किया। उन्होंने गोई तोक में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जल पूजा करते हुए सदाबहार वृक्ष देवदार की पौध लगाए। मुख्य सचिव आला अधिकारियों के साथ प्रातः लगभग 8बजे रैथल से करीब 8 किमी पैदल चलकर गोई व दयारा बुग्याल पहुंचे। पैदल चलने के दौरान मुख्य सचिव व जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान, डीएफओ संदीप कुमार द्वारा जंगली जानवरों के भोजन हेतु फल-सब्जियों के बीज बम को जंगल में फेंके। ताकि जंगली जानवरों को जंगलों में ही उनका आहार मिल सके। पैदल चलते हुए मुख्य सचिव ने प्रभागीय वनाधिकारी को द्यारा पैदल मार्ग जहां-जहां क्षतिग्रस्त है को ठीक कराने के साथ ही पर्यटकों की जानकारी हेतु प्रत्येक किमी.पर लकड़ी के साइनेज व कूड़ेदान लगाने के निर्देश दिए। जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि ट्रेक रूट की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है जिसक...
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महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी,परिजनों का हत्या का आरोप उत्तरकाशी। तहसील बड़कोट के डामटा क्षेत्र में एक गांव की महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी। मृतका को पोस्टमार्टम के लिए नौंगांव लाया गया, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर मृतका के भाई ने शक जाहिर कर रिपोर्ट को नकार देने से राजस्व उप निरीक्षक द्वारा मृतका के शरीर के अन्दरूनी भाग के सैंपल भरकर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून को भेज दिया। मृतका के भाई ने राजस्व चौकी डामटा में मृतका के पति व पति के चाचा के विरूद्ध धारा 302 के तहत मुकदमा पंजीकृत करवाया। बता दें कि बुधवार की शाम को बड़कोट तहसील के डामटा क्षेत्र के बडोगी गांव की एक महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी। मृतका के ससुरालियों ने मृतका के भाई को मौत का कारण जहर खाना बताया। मृतका को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नौगांव लाया गया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर मृतका के भाई ने रिपोर्ट को गलत बताकर नकार दिया जिस पर राजस्व उपनिरीक्षक ने मृतका के अन्दरूनी भाग के सैम्पल भरकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून को जांच के लिए भ...
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नमामी गंगे योजना के अंतर्गत हो धाम में घाटों की सुरक्षा का इन्तजाम : सुरेश सेमवाल गंगोत्री धाम विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में गंगा का मुख्य मन्दिर और उदगम स्थान होने के बावजूद भी यहां के गंगा घाटों पर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना नमामि गंगे का काम अभीतक शुरू भी हुआ जबकि यहाँ पर काम सबसे पहले होना चाहिए था यह कहना है श्री 5 मन्दिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल का । समिति के अध्यक्ष ने बताया कि गंगोत्री धाम में इस वर्ष अबतक 3 लाख से अधिक यात्री दर्शन कर चुके हैं और दिनों दिन बढने की उम्मीद है । और यहां के गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात नही है पिछले वर्ष यहां पर यात्रियीं के बहाने की घटना हो चुकी है । वावजूद इसके पूरे देश मे नमामि गंगे के न्तर्गत काम चल रहा है और गंगोत्री धाम में अभी शुरू भी नही हुआ है जबकि समिति के द्वारा साशन प्रसाशन को कईबार धाम की स्थिति से अवगत कराया जा चुका है । किन्तु सरकार का इस और कोई ध्यान नही है सुरक्षा के पुख्...
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निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओ की नवज टटोली श्रीनगर गढ़वाल अंजना भट्ट घिल्डियाल जनपद पौड़ी की श्रीनगर नगरपालिका क्षेत्र में होने वाले निकाय चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की और से नियुक्त बतौर पर्यवेक्षक पूर्व गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण श्रीनगर में अपने दो दिवसीय भ्रमण में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के साथ एक आवश्यक बैठक ली। इस दौरान उन्होंने नगरपालिका चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन के संबंध में सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में स्थानीय स्तर पर एक कमेटी बनाने का सुझाव रखा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशी चयन के लिए प्रदेश स्तर पर वो अपनी आख्या प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर निकाय चुनाव लड़ने की अपील की इस मौके पर अनेक लोग भाजपा एवं अन्य दलों को छोड़कर कांग्रेस में सम्मिलित हुए। इससे पूर्व श्रीनगर पहुंचने पर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स...
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1962 से प्रतिकर और विस्थापन आश में आज भी है बागोरी गाँव के लोग अपने ही पैत्रिक गाँव जाने को लेनी पड़ती है प्रसाशन से पर्मिशन भारत चीन युद्ध के दौरान 1962 में जादूंग, नेलांग गांव से रह रहे भोटिया और जाड़ समुदाय के ग्रामीणों को युद्ध के दौरान हटाया गया था। तब यहां के ग्रामीणों ने बगोरी डुंडा मे ही अपने आशियाने बना लिए है लेकिन इनके स्थानीय देवता आज भी वहीं हैं। प्रति वर्ष ये ग्रामीण अपने देवताओं की पूजा के लिए जाते हैं। आज भी ये लोग अपने इष्ठ सोमेश्वर, रिंगाली देवी की डोली लेकर जादूंग जाते ही। जहां इन ग्रामीणों ने पहले नेलांग में रिंगाली देवी की पूजा, अर्चना की जाती है । उसके बाद जादूंग में लाल देवता और चैन देवता की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है पूजा अर्चना के बाद महिला व पुरुषों ने देवता की डोली के साथ रांसो-तांदी नृत्य करने की परंपरा है इस अवसर पर स्थानीय महिलाओं के द्वारा पारंपरिक वेश-भूषा में पौराणिक गीत भी गाए जाते है पूजा-अर्चना समापन होने के बाद ग्रामीणों के द्वारा स्थानीय व्यनजन का प्रसाद बटां जाता है । शाम होते ही ग्रामीण...