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भटवाड़ी रामलीला में धनुष खण्ड व सीता विवाह को देखने पहुँचा दर्शकों का हुजूम

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राजेश रतूड़ी उत्तरकाशी :   श्री भास्करेश्वर रामलीला समिति के द्वारा आयोजित रामलीला मंचन के पांचवे और छटवे दिन फुलवारी,धनुष खंडन तथा लक्ष्मण परशुराम संवाद तथा सीता विवाह  के दृश्य मुख्य आकर्षण के केन्द्र रहे इन दृश्यों में सभी कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों को तालिया बजाने के लिए मजबूर किया।         श्री भास्करेश्वर रामलीला समिति भटवाड़ी में रामलीला मंचन कर रहे कलाकारों अभिनय की विभिन्न माध्यमो से खूब प्रशंसा हो रही है। पूर्व में भटवाड़ी रामलीला मंच पर लगातार 14 वर्षो तक राम का अभिनय कर चुके आनन्द प्रकाश जुयाल जो देहरादून से यूट्यूब के माध्यम से जुड़कर भटवाड़ी की रामलीला को देखकर रामलीला को और बेहतर करने और धनुष खण्डन के दौरान राजाओं की अनावश्यक मिमिक्री को बंद करने व कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। रामलीला में राम ,लक्ष्मण के किरदार में प्रभात नौटियाल व विनोद नौटियाल की जुगल वन्दी ने खूब धमाल मचाया वही सीता का अभिनय कर रहे शशिशेखर सीमवाल ने अच्छा अभिनय कर खूब लालिया बटोरी। जनक के अभिनय में गणेश लाल फूल अच्छे अभिनय की खूब प्रसंश...

रामलीला मंचन का आगाज , तप लीला के दृश्य में जमाया कलाकारों ने रंग , खूब बटोरी तालिया

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राजेश रतूड़ी उत्तरकाशी :   श्री भाषक्रेश्वर रामलीला समिति के द्वारा मंचन की जा रही रामलीला के दूसरे दिल तप लीला का दृश्य मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा जिसमे कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।         आपको बतादे 24 अक्टूबर से शुरू हुई श्री भाषक्रेश्वर रामलीला समिति के द्वारा मंचन रामलीला में शिव और पार्वती का अभिनय कर रहे सूरज नौटियाल व अमन कुमार अपने अच्छे अभिनय से दर्शकों को मंत्र मुग्ध किया वही रावण का अभिनय कर रहे सुबोध रतूड़ी के जोशीले अंदाज व विनोद नौटियाल के ब्रम्हा व कुंबबकर्ण मथुरा प्रसाद,विभीषण के पात्र अनुज कुमार  के  अभिनय को देखते हुए उन्हें सीधा प्रसारण के माध्यम से रामलीला देख रहे दर्शकों ने अपने कमेंट के माध्यम से खूब प्रशंशा हुई। रामलीला में अंतिम दृश्य रावण दरबार का रहा। रामलीला में बीडीओ डॉ अमित मंमगाई, प्रधान संतोष नौटियाल, पाँच गाँव के माल गुजार भगवती प्रसाद,किशन सिंह,बच्चन सिंह,शिवेंद्र सिंह,सुन्दर सिंह,पूर्व क्षेप महादेव नौटियाल,प्रकाश चन्द्र सीमवाल,कन्हैया नौटियाल,मथुरा रा...

श्री भाषक्रेश्वर रामलीला समिति ने हनुमत ध्वजारोहण कर किया रामलीला मंचन का श्रीगणेश

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राजेश रतूड़ी उत्तरकाशी : श्री  भाषक्रेश्वर रामलीला समिति के पदाधिकारियों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हनुमत ध्वजारोहण कर रामलीला मंचन का श्रीगणेश कर दिया है।         आगामी 24 अक्टूबर विजय दशमी के अवसर पर श्री भाषक्रेश्वर रामलीला समिति के द्वारा रामलीला मंचन का आयोजन किया जा रहा है जिसकी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। यह जानकारी  समिति के सचिव ललित नौटियाल ने दी है। उन्होंने बताया कि रविवार को ईष्ट शमेश्वर देवता के द्वारा दिये गए नियत समय पर समिति के पदाधिकारियों ने रामलीला मैदान में हनुमत ध्वजारोहण कर शुरुआत कर दी  है। आनेवाली विजय दशमी को ईष्ट समेश्वरः देवता की अगुवाई में सरंक्षक मंडल द्वारा उदघाटन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी जन मानस से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में रामलीला मैदान भटवाड़ी में पहुँचकर रामलीला मंचन का आनन्द उठाए। ध्वजारोहण के समय बीडीओ डॉ अमित ममगाई,प्रधान संतोष नौटियाल,लोकमणि रतूड़ी, कुशला रतूड़ी,भगवती प्रसाद,संजय रतूड़ी, जितेंद्र रतूड़ी, मनोज नौटियाल,विनोद रतूड़ी,सुबोध रतूड़ी, विनोद...

आचार्य अमित रतूड़ी से जानिए नवरात्र शब्द की व्याख्या और माता दुर्गा के नो स्वरूपों की पूजा का विधान

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राजेश रतूड़ी उत्तरकाशी : आचार्य अमित रतूडी के साथ नवरात्र को लेकर "गंगोत्री मेल" की खाश बातचीत   * यादेवीसर्वभूतेषु शक्ति रूपेणसंस्थिता नमस्तस्यैनमस्तस्यैनमस्तस्यै नमो नमः*   *नवरात्रि क्या है? जानिए नवरात्र का वैज्ञानिक-आध्यात्मिक रहस्य*  नवरात्र' शब्द से नव अहोरात्रों (विशेष रात्रियों) का बोध होता है। इस समय शक्ति के नवरूपों की उपासना की जाती है। 'रात्रि' शब्द सिद्धि का प्रतीक है। भारत के प्राचीन ऋषि-मुनियों ने रात्रि को दिन की अपेक्षा अधिक महत्व दिया है इसलिए दीपावली, होलिका, शिवरात्रि और नवरात्र आदि उत्सवों को रात में ही मनाने की परंपरा है। यदि रात्रि का कोई विशेष रहस्य न होता तो ऐसे उत्सवों को 'रात्रि' न कहकर 'दिन' ही कहा जाता लेकिन नवरात्र के दिन, 'नवदिन' नहीं कहे जाते। मनीषियों ने वर्ष में चार बार नवरात्रों का विधान है बनाया(चैत्र ,आषाढ़,आश्विन,माघ)।  विक्रम संवत के पहले दिन अर्थात चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) से 9 दिन अर्थात रामनवमी तक और इसी प्रकार ठीक 6 मास बाद आश्विन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से महानवमी...

हर्षिल में आयोजित दो दिवसिउ राष्ट्रीय सेब महोत्सव का आगाज मंत्री गणेश जोशी ने किया उदघाटन

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राजेश रतूड़ी उत्तरकाशी :  हर्षिल में आयोजित सेब महोत्सव का शुभारंभ मंत्री गणेश जोशी ने किया।जिसमेंमें विभिन्न किस्मों के सेबों की प्रदर्शनी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रदर्शनी में  गोल्डन ,रॉयल,रेड डेलिशियस, फैनी, रॉयमर, जोनाथन, बकिंघम, रेड ब्लाक, जिंजर गोल्ड, पिंक लेडी, ग्रेमी स्मिथ, रेड गोल्डन, ग्रीन स्वीट, रेड फ्यूजी, क्रेब एप्पल  आदि प्रजाति के सेब प्रदर्शित हुए। हर्षिल में आयोजित सेब महोत्सव का देश विदेश के पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया। महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर महिला मंगल दल झाला, जसपुर और बगोरी की महिलाओं की पारंपरिक लोक नृत्यों की प्रस्तुति ने देश-विदेश से आए पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। महिलाओं के रासों-तांदी नृत्यों की पांत में जुड़कर विदेशी महिला पर्यटक सामूहिक लोक नृत्यों के अनूठे रंगों से सराबोर हो उठी।  इस आयोजन की साक्षी बनी ब्रिटेन की पर्यटक ईमा लोक संस्कृति के अद्भुत रंगों से अभिभूत नजर आई। ईमा हर्षिल के सेब के लाजवाब स्वाद की इस कदर मुरीद दिखीं कि उन्होंने इसे दुनिया का बेहतरीन सेब करार दिया। ब्रिटेन की ही एक अन्य...

उत्तराखंड के चारो धामो की कपाट बंद होने की तिथियां हुई घोषित

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राजेश रतूड़ी उत्तरकाशी :   उत्तराखंड  के चारो धामो की कपाट बंद होने की तिथियां घषित हो चुकी है। 1-श्री बदरीनाथ धाम- विजय दशमी  मंगलवार 24 अक्टूबर को कपाट बंद होने की तिथि तय होगी। 2- श्री केदारनाथ धाम बुधवार 15 नवंबर भैया दूज को कपाट बंद होंगे।  कपाट बंद होने समय श्री बदरीनाथ- केदारनाथ  मंदिर समिति के धर्माधिकारी- वेदपाठी  तय करेंगे । 3- श्री यमुनोत्री धाम-भैया दूज बुद्धवार 15 नवंबर को कपाट बंद होंगे समय विजय दशमी को तय होना है। 4- श्री गंगोत्री धाम-  कपाट बंद होने की तिथि श्री गंगोत्री  मंदिर समिति द्वारा बीते रविवार नवरात्रि को तय  हुई। तिथि  मंगलवार 14 नवंबर अन्नकूट को  दिन  11.45 बजे कपाट बंद होंगे।

क्यार्क गाँव मे श्रीकृष्ण लीला का शुभारंभ ,शमेश्वर देवता के सानिध्य में ब्लॉक प्रमुख बिनीता रावत ने किया उदघाटन

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राजेश रतूड़ी उत्तरकाशी :   क्यार्क गाँव मे श्रीकृष्ण लीला का शुभारंभ हो गया है। लीला का उदघाटन ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी बिनीता रावत व के द्वारा शमेश्वर देवता के सानिध्य में हुआ।          विकास खण्ड भटवाड़ी के ग्राम सभा क्यार्क में हर वर्ष  भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन होता आ रहा है ज और इस बर्ष ग्रामीणों व भगवान समेश्वर देवता की डोली के अनुसार नवरात्रि में लीला का मंचन किया जा रहा है। श्रीकृष्ण लीला उदघाटन के अवसर पर ब्लॉक प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 64 कलाओं में निपुण है उनकी लीलाओं का जितना बखान किया जाय कम ही होगा। उन्होंने कहा कि हमारे भटवाड़ी ब्लॉक का हर गाँव देवभूमि है समय क्यार्क गाँव बृज और बरसाना बना हुआ है। भगवान की लीलाओं के इस प्रकार के आयोजन से समाज में धार्मिकता के माहौल को बढ़ावा मिलता है। तथा युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। और निश्चित ही धार्मिक आयोजनों से गांव की सुख समृद्धि व खुशहाली आती है।       उदघाटन कार्यक्रम के दौरान सेंकड़ों ग्रामीणों के अलावा सम...